सिद्धार्थनगर। दिसंबर 2026 तक सिद्धार्थनगर जिले को बाल श्रम मुक्त कराना शासन का उद्देश्य है। यह बातें तहसील नौगढ़ में सोमवार को हुई बैठक में एसडीएम कल्याण सिंह मौर्य ने कही।
श्रम प्रर्वतन अधिकारी, हितधारकों, व्यापारियों एवं ईंट व्यवसायियों के साथ समन्वय बैठक हुई। बैठक में जिले के प्रमुख व्यापारियों एवं ईंट भट्ठा संचालकों के साथ बाल श्रम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर चर्चा हुई। इस बैठक का प्रमुख मकसद जिले में बाल श्रम प्रणाली को पूरी तरह खत्म करना और बच्चों को श्रम से मुक्त कर उनकी शिक्षा और सुरक्षित बचपन की राह आसान करना है। एसडीएम ने कहा कि व्यापार समुदाय और भट्ठा संचालकों को समझाया कि बाल श्रम का पूरी तरह उन्मूलन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी वर्गों को सामंजस्य बनाकर काम करना होगा। साथ ही बाल श्रम की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने और ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यापारियों से अपील की।
श्रम पर्वतन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी ने सभी व्यापारियों और भट्ठा संचालकों को बाल श्रम अधिनियम 2016 के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी हालत में बाल श्रम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाल श्रम करवा रहे नियोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीटीएफ सदस्य ने कहा कि इससे न केवल बाल श्रम की कुप्रथा समाप्त होगी बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और विकास के अवसर भी मिलेंगे जो समाज और जिले के समग्र विकास के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। इस दौरान एएचटी के उपनिरीक्षक भीम सिंह, वरिष्ठ सहायक जीडी तिवारी, आनंद श्रीवास्तव, नीति आयोग से अभिनव द्विवेदी, ईंट भट्ठा व्यापारियों में सुल्तान अहमद, राम दास रस्तोगी, जुबेर अहमद आदि मौजूद रहे।