भनवापुर। क्षेत्र के गागापुर गांव में चल रही रामलीला में शुक्रवार की रात कलाकारों ने मेघनाथ वध, रावण वध की लीला का कलाकारों ने मंचन किया। जब दोबारा लक्ष्मण युद्ध के मैदान में आते हैं तो उनके बाणों का सामना मेघनाद नहीं कर पाता है और वीरगति को प्राप्त होता है।
मेघनाद का वध होते ही राम-लक्ष्मण की जय-जयकार होने लगती है। यह खबर जैसे ही लंका में पहुंचती है तो मेघनाद की पत्नी सुलोचना विलाप करने लगती है। बाद में वह सती हो जाती हैं।
मेघनाथ की मृत्यु के बाद राम और रावण का भीषण युद्ध होता है, जिसमें रावण वीरगति को प्राप्त होता है। इस अवसर पर गजेंद्र शुक्ल, घनश्याम शुक्ल, गजेंद्र प्रताप सिंह, अवधेश मिश्र, दिनेश चंद मिश्र, परमात्मा पांडेय आदि मौजूद रहे।