सिद्धार्थनगर। हर साल बाढ़ से जिले में खूब तबाही मचती है। इसके बचाव के लिए इस बार प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए जिले के 14 अति संवेदनशील कटान स्थलों की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए करीब 47 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हुए हैं।
इस धनराशि से इन स्थलों पर बोल्डर पिचिंग, कटर आदि निर्माण करते हुए कटाव निरोधक कार्य किए जाएंगे, जिससे घर, बाग और खेत नदी में विलीन होने से बच सकेंगे।
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, कूड़ा व घोघी नदियों समेत प्राकृतिक पहाड़ी नालों से घिरे इस जिले का तीन चौथाई हिस्सा बाढ़ से प्रभावित रहता है। बारिश के मौसम में एक तरफ जहां बाढ़ के पानी से सड़कें, गांव जलमग्न रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी की तेज धार से कटान के चलते लोगों के घर नदी में विलीन हो जाते हैं। बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहे जिले के लोगों के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से कटान स्थलों पर बचाव कार्य संबंधी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा गया था।
इसमें ड्रेनेज खंड की 20 करोड़ रुपये लागत की छह और सिंचाई निर्माण खंड की 27 करोड़ रुपये लागत की आठ परियोजनाएं शामिल थी। जिसे बाढ़ नियंत्रण की स्थायी संचालन समिति के अनुमोदन के बाद शासन ने स्वीकृत करते हुए धनराशि आवंटित की है। इसमें बांध पर स्टोन बोल्डर से स्लोप पिचिंग, लांचिंग एप्रन, जियो बैग डैंपनर का निर्माण, परकूपाइन लगाने आदि कार्य किया जाएगा। अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड कृपाशंकर भारती ने कहा कि कटान स्थलों पर बचाव कार्य संबंधी परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है, जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे संबंधित गांवों के पास कटान रोके जा सकेंगे।
ड्रेनेज खंड के इन कटान स्थलों की होगी मरम्मत : ड्रेनेज खंड क्षेत्र के कूड़ा नदी के बाएं तट पर कूड़ा-घोघी बांध पर ग्राम गुजरौलिया के पास 2.88 करोड़ रुपये की लागत से चार सौ मीटर लंबा आठ जियो बैग डैंपनर, स्लोप पिचिंग व परकूपाइन का निर्माण होगा। इमिलिहा कटान स्थल पर 2.86 करोड़ रुपये की लागत से 250 मीटर स्लोप पिचिंग व लांचिंग एप्रन का कार्य होगा। ग्राम मस्जिदिया के पास कटान स्थल पर 2.68 करोड़ रुपये की लागत से 250 मीटर लंबाई में स्लोप पिचिंग एवं लांचिंग एप्रन का निर्माण होगा। बूढ़ी राप्ती नदी के बाएं तट के लखनापार-बैदौला बांध पर 5.25 करोड़ से भूतहिया के पास कटान स्थल पर 220 लंबा वायरक्रेट में स्टोन बोल्डर से लांचिंग एप्रन, 149 मीटर में तटबंध के टाप तक स्लोप पिचिंग कार्य होगा।
साथ ही महरथा कटान स्थल पर 3.38 करोड़ से 450 मीटर लंबाई में आठ जियो बैग डैंपनर व स्लोप पिचिंग का निर्माण और बैजनथा कटान स्थल पर 2.86 करोड़ रुपये की लागत से चार मीटर जियो बैग डैंपनर व स्लोप पिचिंग का निर्माण होगा। ा