- भारतीय मुद्रा में नेपाल का भाव 100 रुपये, सीमावर्ती बाजारों में चीनी करीब 70 रुपये किलो
- दशहरा, तिहार और छठ से पहले नेपाल में चीनी की मांग में तेज उछाल
सिद्धार्थनगर /खुनुवां। नेपाल में दशहरा, तिहार और छठ जैसे प्रमुख पर्वों से पहले चीनी के दाम 160 नेपाली रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। भारतीय मुद्रा में यह कीमत करीब 100.28 रुपये प्रति किलो है जबकि सिद्धार्थनगर से सटे सीमावर्ती भारतीय बाजारों में चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। दोनों देशों के बाजार में करीब 30 रुपये प्रति किलो का भाव में अंतर होने से सीमा पर तस्करी की आशंका में एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
नेपाल सरकार ने बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए साल्ट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन और खाद्य व्यवस्था और व्यापार कंपनी के माध्यम से 105 से 110 नेपाली रुपये प्रति किलो की दर से चीनी की बिक्री शुरू की है। साल्ट ट्रेडिंग के पास 32 से 33 हजार बोरा चीनी का स्टॉक मौजूद है जबकि घरेलू चीनी उद्योगों से खरीदी गई 12 हजार मीट्रिक टन चीनी का भुगतान भी किया जा चुका है। एक प्रतिशत सीमा शुल्क पर भारत से चीनी आयात की अनुमति मिलने के बाद पहले चरण में करीब 2,500 टन चीनी वीरगंज नाके पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा पांच हजार टन की खेप प्रक्रिया में है और पर्वों की बढ़ती मांग को देखते हुए नेपाल सरकार ने 25 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त चीनी आयात की तैयारी शुरू कर दी है।
बढ़नी, खुनुवां, ककरहवा और मोहाना सीमा क्षेत्रों से नेपाल के बाजारों तक खाद्य सामग्री की नियमित आवाजाही होती है। सीमा पर रोज विभिन्न वस्तुओं की तस्करी की खेप पकड़ी जाने के बीच पर्वों के दौरान चीनी की संभावित अवैध आवाजाही की आशंका बढ़ गई है। वहीं यह भी चर्चा है कि चीनी को स्टॉक कर इसकी कृत्रिम कमी दिखाई जा रही है, जिससे तस्करी बढ़ने की आशंका है। इसे रोकना सुरक्षा और सीमा शुल्क एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
साल्ट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के सूचना अधिकारी कुमार राजभंडारी के अनुसार संस्थान के पास करीब 32 से 33 हजार बोरा चीनी का भंडार है। घरेलू चीनी उद्योगों से खरीद के लिए निर्धारित 12 हजार मीट्रिक टन चीनी की पूरी रकम का भुगतान भी किया जा चुका है। सड़क मार्ग बाधित होने से बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित है, इसलिए छोटी ट्रकों के जरिये चीनी काठमांडो पहुंचाई जा रही है।
चीनी आयात की तैयारी
खाद्य व्यवस्था तथा व्यापार कंपनी लिमिटेड के सूचना अधिकारी माधव मिश्र के अनुसार पर्व के दौरान मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय ने अतिरिक्त आयात की तैयारी शुरू कर दी है। मंत्रालय घरेलू उद्योगों के स्टॉक का विवरण जुटाने के साथ ही साल्ट ट्रेडिंग, खाद्य कंपनी और सीमा शुल्क विभाग के साथ समन्वय कर रहा है। मंत्रालय के सहसचिव रामबंधु सुवेदी के अनुसार बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त चीनी के आयात की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
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तस्करी का संदेह क्यों...
- कीमत का बड़ा अंतर : भारत के सीमावर्ती बाजार में चीनी करीब ₹70 किलो, जबकि नेपाल में वही चीनी भारतीय मुद्रा में करीब ₹100.28 किलो बिक रही है।
- प्रति टन भारी मुनाफा : करीब ₹30 प्रति किलो का अंतर एक टन पर लगभग ₹30,000 का लाभ देता है।
- पर्वों में मांग बढ़ना : दशहरा, तिहार और छठ से पहले नेपाल में चीनी की खपत अचानक बढ़ जाती है।
- सीमा का खुला आवागमन : बढ़नी, खुनुवां, ककरहवा और मोहाना जैसे मार्गों से रोज वैध व्यापार होता है, जिनका दुरुपयोग तस्कर करने की कोशिश करते हैं।
- पहले से तस्करी का रिकॉर्ड : सिद्धार्थनगर सीमा पर रोज उर्वरक, टाइल्स, किराना व अन्य सामान की खेप पकड़ी जा रही है, इसलिए चीनी को लेकर भी एजेंसियां सतर्क हैं।
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भारत-नेपाल सीमा पर पर्वों के मद्देनजर निगरानी और सघन कर दी गई है। बढ़नी, खुनुवां, ककरहवा व मोहाना समेत सभी संवेदनशील मार्गों पर एसएसबी और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय में लगातार चेकिंग कराई जा रही है। मूल्य अंतर का लाभ उठाकर किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही या तस्करी की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थनगर