सिद्धार्थनगर। वैचारिक और तार्किक समझ को विकसित करने के साथ किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए छात्रों को किताब पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुस्तकालय में भ्रमण कराते हुए कहानी, उपन्यास, जीवनी, प्रेरणादायी साहित्य जैसी किताबों का अध्ययन कराया जाएगा। शासन के निर्देश पर जनपद में इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा अंतर्गत आने वाले विद्यालयों के छात्रों में वैचारिक और तार्किक समझ को विकसित करने और स्क्रीन टाइम कम करने के लिए किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए रुचि बढ़ाई जाएगी।
लाइब्रेरी इंचार्ज डॉ. भारद्वाज शुक्ल ने बताया कि शासन के निर्देश पर राजकीय पुस्तकालयों में छात्र-छात्राओं को भ्रमण कराया जाएगा। इसमें आउट ऑफ सिलेबस वाली कहानी, उपन्यास, जीवनी, प्रेरणादायी साहित्य का अध्ययन कराया जाएगा।
पुस्तकालय से हर सप्ताह एक किताब भेजी जाएगी। छात्र इन किताबों का सारांश विद्यालय की प्रार्थना सभा में प्रस्तुत करेंगे। इससे उनका अभिव्यक्ति कौशल बढ़ेगा। वहीं, सर्वाधिक किताब पढ़ने वाले छात्र को विद्यालय द्वारा प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा।
इसके साथ प्रतियोगिताओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं, प्रतिभागियों को ट्रॉफी या स्मृति चिह्न की जगह अब किताबें दी जाएंगी।
बताया कि छात्रों के प्रोजेक्ट कार्य के लिए किताबों का संदर्भ लेने को प्रोत्साहित किया जाएगा। किताबों पर चर्चा की जाएगी, उनको विचार व कहानियां लिखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। किताबों पर आधारित प्रश्नोत्तरी, निबंध, वर्तनी प्रतियोगिता, दीवार पत्रिका का भी आयोजन किया जाएगा।