- एनएच-28 के नाले का पानी भरने से तालाब बना विद्यालय परिसर
- कीचड़ और दुर्गंध से परेशान विद्यार्थियों ने हाईवे जाम कर जताया विरोध, रात में कराई गई पानी निकासी
- जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई में कई दिनों से बनी थी जलभराव की स्थिति
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर। नगर के जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई में एनएच-28 के नाले का गंदा पानी भरने से परेशान विद्यार्थियों के सोमवार को हाईवे जाम करने के बाद प्रशासन हरकत में आया। देर रात मशीन लगाकर विद्यालय परिसर से पानी निकलवाया गया और नाले का पानी आने वाले स्थान पर मिट्टी डालकर रास्ता बंद कर दिया गया। मंगलवार को परिसर में जलभराव तो नहीं दिखा, लेकिन कीचड़ और गंदगी बनी हुई है। विद्यालय प्रशासन ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
विद्यालय हाईवे बांसी-बस्ती से सटा हुआ है। हाईवे से विद्यालय की ओर जाने वाली करीब 20 मीटर सड़क के पास नाली बनी है। आरोप है कि एनएच के नाले का पानी इसी रास्ते विद्यालय परिसर की ओर आ रहा था। बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आसपास की आबादी का पानी भी विद्यालय परिसर में पहुंचने से जलभराव बढ़ गया।
जलभराव और गंदगी के कारण विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी हो रही थी। कई बार कीचड़ में फिसलकर गिरने की स्थिति बनी। दुर्गंध के कारण भी विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसके बाद विद्यार्थियों ने हाईवे जाम कर विरोध जताया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समस्या का तत्काल समाधान कराने का आश्वासन दिया।
विरोध के बाद प्रशासन की ओर से देर रात पानी निकासी के लिए मशीन लगाई गई। विद्यालय परिसर में जमा पानी को बाहर निकाला गया। साथ ही जिस स्थान से नाले का पानी विद्यालय में पहुंच रहा था, वहां मिट्टी डालकर पानी का रास्ता बंद कर दिया गया। फिलहाल विद्यालय परिसर में नाले का पानी आना बंद हो गया है।
प्रधानाचार्य जयराम यादव ने बताया कि फिलहाल मिट्टी डालकर नाले का पानी रोका गया है। समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है। एनएच के अधिकारियों से वार्ता कर नाले का पानी विद्यालय परिसर में आने से पूरी तरह रोकने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। जलभराव के कारण केवल विद्यार्थियों के गिरने का खतरा नहीं है, बल्कि गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
ज्ञापन देकर स्थायी समाधान की मांग
हाईवे जाम के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम को विद्यार्थियों और विद्यालय की ओर से ज्ञापन दिया गया। इसमें बताया गया कि एनएच-28 की नाली और सीवर का गंदा पानी कई वर्षों से विद्यालय परिसर में पहुंच रहा है। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी के साथ पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि समस्या के संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए मामले की तत्काल जांच कराकर समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से विद्यालय प्रशासन को अवगत कराने की मांग की गई।