शोहरतगढ़ क्षेत्र धनगढ़िया के सिवान में खेत जल रहा है, पराली। संवाद
शोहरतगढ़। प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश है कि खेतों में किसान पराली नहीं जलाएं। पराली जलाते हुए पकड़े जाने पर कार्रवाई के साथ जुर्माना वसूला जाएगा, लेकिन इस आदेश के बावजूद लोग खेत की फसल कटने के बाद अवशेष (पराली) जला रहे हैं।
बुधवार को धनगढ़िया के पास किसी किसान ने अपने खेत की पराली को जलाने के लिए आग लगा दी। उसकी देखा-देखी और भी किसान पराली जलाने लगे। पराली जलाने से वातावरण दूषित होता है और इसकी चिंगारी से घरों और जानवरों के घारी में आग लगने का डर बना रहता है। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति खत्म होने लगती है और मित्र कीटाणुओं के मर जाने से पैदावार पर गहरा असर पड़ता है। वहीं, पराली जलाने से घरों में आग लगने का डर बना रहता है और धुंआ उठने से वातावरण प्रदूषित हो जाता है। एसडीएम विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि जो भी किसान पराली जलाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। शासन ने निर्देश पर सभी ग्राम प्रधानों को इसके लिए निर्देशित किया गया है।