शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ और बढ़नी में बस अड्डे के इंतजार काफी लंबे समय से है। जमीन की स्वीकृति हो चुकी है। शासन ने भी बस अड्डा बनने के लिए हरी झंडी दे दी लेकिन चार साल स्वीकृति होने को हो गए हैं। जमीन चिह्नित हुए एक साल बीत चुके हैं लेकिन रोडवेज स्टेशन कागजों में उलझा हुआ है। सड़क पर रोडवेज की बस ठहर रही है और लोग यात्रा कर रहे हैं।
सूत्र के अनुसार जो बस अड्डे की जमीन चिह्नित हुई है। वह विभाग के मानक के अनुरूप नहीं है। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फाइल शासन को भेजी गई है, जिसका कोई जवाब नहीं मिला है। शोहरतगढ़ व बढ़नी में बस अड्डा बनने से यहां से सीधे लखनऊ, दिल्ली, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, फैजाबाद, पीलीभीत, सीतापुर, बरेली, उत्तराखंड के लिए बस की सुविधा मिलेगी।
यात्रियों को रोड पर बस इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय सारणी के अनुसार बस चलने से यात्रियों का समय बच जाता। रात्रि में सफर करने वाले यात्रियों को बस अड्डे पर ठहरने की सुविधा मिल जाती लेकिन बस अड्डा न होने से यात्री परेशान होकर प्राइवेट बस व निजी साधन ने यात्रा करने पर मजबूर हैं, जिससे उनके जेब पर भी बोझ पड़ता है। शोहरतगढ़ और बढ़नी में चिह्नित जमीन पर बस अड्डा निर्माण के लिए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह स्वीकृति दे दी है। विभाग से सारी प्रकिया पूरी कर शासन को भेज दिया गया है लेकिन, अभी तक यह कार्य ठंडे बस्ते पड़ा है। फाइल कहां अटकी है इसकी कोई जानकारी विभाग के पास नहीं है। लंबे अरसे से कस्बे व क्षेत्र की जनता की मांग के बाद शोहरतगढ़ व बढ़नी में बस अड्डा बनने के लिए विधायक विनय वर्मा ने चार साल पहले ही शासन से स्वीकृति कराई थी लेकिन बस अड्डे के लिए जमीन नहीं मिलने से परियोजना अधर में लटकी पड़ी थी। इसके बाद विधायक ने पिछले साल बस अड्डे की जमीन के लिए मंत्री दया शंकर सिंह से मुलाकात कर तहसील की लापरवाही से अवगत कराया था। मामले को सज्ञान में लेकर मंत्री ने पूर्व डीएम डॉ. राजा गणपति आर से बात कर जल्द जमीन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद डीएम के निर्देश पर शोहरतगढ़ के पूर्व एसडीएम राहुल सिंह ने एक साल पूर्व शोहरतगढ़ नगर पंचायत में मेढवा और बढ़नी नगर पंचायत मुडिला में जमीन चिह्नित की।
नक्शा बनाकर शासन को भेज दिया गया। क्षेत्र अभिषेक, कृष्ण प्रताप सिंह, अभय सिंह, आदर्श, विपिन ने कहा कि चार महीने बाद विधानसभा का कार्यालय पूरा हो जाएगा और क्षेत्र वासियों का बस अड्डा बनने का सपना कुछ माह के लिए फिर अटक जाएगा।