शोहरतगढ़। रेल विभाग ने बढ़नी से झूंसी तक जाने वाली स्पेशल ट्रेन की घोषणा करने के दो दिन बाद ही इसे निरस्त कर दिया। ऐसे में प्रयागराज व वाराणसी में काशी विश्वनाथ जाने वाले दर्शनार्थियों को निराश होकर स्टेशन से घर लौटना पड़ा। कुछ श्रद्धालुओं ने रोडवेज बस का सहारा लिया।
पूर्वोत्तर रेल प्रशासन ने प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक जनवरी से बढ़नी से झूंसी के लिए स्पेशल फास्ट पैसेंजर ट्रेन चलाने की घोषणा कर दी गई। इसी समय सारिणी भी समाचार पत्रों में प्रकाशित हो गई। दो दिन बाद रेल प्रशासन ने बढ़नी-झूंसी स्पेशल ट्रेन को निरस्त करने की घोषणा कर दी। नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने कहा कि शोहरतगढ़ तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहां से बस्ती जाने के लिए सुबह एक बस चलती।
गोरखपुर, नौतनवां, बढ़नी, बलरामपुर, डुमरियागंज आदि स्थानों पर जाने के लिए बस की सुविधा नहीं है। कहा कि प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन चलने से पहले ही रेल प्रशासन द्वारा निरस्त कर देने से तीर्थयात्रियों के साथ मजाक किया गया है।
नववर्ष पर वाराणसी काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए जा रहे डोई शिवमंदिर पुजारी बाबा बालकदास, केशव दास सहित एक दर्जन साधू संत बहुत ही उत्साह और आस्था के साथ शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन निरस्त हो गई है। मायूस होकर वापस लौट गए।
अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल, व्यापार संगठन अध्यक्ष आनंद कसौधन, संजय शिल्पी, नीलू रूंगटा, महेश कसौधन, जितेंद्र वर्मा, रमेश पटवा, शिवचरन अग्रहरि, अनिल वर्मा सहित काफी लोगों ने रेल प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों की समस्याओं को देखते हुए बढ़नी से झूंसी तक स्पेशल ट्रेन चलाई जाए।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक सद्दाम हुसैन ने कहा कि रेल प्रशासन द्वारा बढ़नी से झूंसी तक चलने वाली स्पेशल फास्ट पैसेंजर ट्रेन को निरस्त कर दिया है।