भनवापुर। फर्जी अध्यापक नियुक्ति की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं। फर्जीवाड़े से खुद को लगातार अनभिज्ञ बताने वाले पूर्व बीएसए के साथ चार अन्य को भी पुलिस ने नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन इस मामले में पूर्व बीएसए ने अब भी जवाब नहीं दिया है।
वहीं, कुछ जवाब मिलने के बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोकर मामले की तह तक पहुंचने में लगी है। बीएसए कार्यालय में नियुक्त एक लिपिक पहले से ही फर्जी मान्यता सहित कई मामलों में मुख्य आरोपी है। कई आरोपों की पुष्टि, निलंबन और स्थानांतरण के बाद भी कार्यालय में बराबर उपस्थिति भूमिका को और बल देती है। भनवापुर विकास खंड में हुई आठों फर्जी नियुक्ति किसकी शह पर हुई, पुलिस इस तिलिस्म को भेदकर मामले की तह तक जाने में जुटी है। इसके खुलासे की जल्द उम्मीद है।
हालांकि पूर्व बीएसए के स्थानांतरण के कारण जांच को गति नहीं मिल रही थी क्योंकि बीएसए का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डीआईओएस बोर्ड परीक्षा आदि विभागीय कार्यों में व्यस्त रहे। नए बीएसए के आने के बाद से जल्द जांच के पूरा होने और बड़े खुलासे की उम्मीद है।
जुलाई 2024 में भनवापुर विकास क्षेत्र में बीएसए कार्यालय से 36 लोगों को विभिन्न विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर संलग्न होने के लिए नियुक्ति पत्र दिया गया। बाद में आठ अन्य भी बीएसए का नियुक्ति पत्र लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भनवापुर पहुंचे, जिन्हें अभिलेख के जांच के बाद संबंधित विद्यालय पर शिक्षण कार्य में संलग्न करा दिया गया।
रसूख और विभागीय संलिप्तता का प्रभाव इतना अधिक था कि एक माह में ही मानव संपदा आईडी भी जनरेट हो गई। वेतन जारी होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, लेकिन एक पत्र ने फर्जीवाड़े के पूरे षड्यंत्र पर पानी फेर दिया।
विभागीय लोगों द्वारा ही सूचना लीक न की गई होती तो निश्चय ही आठों फर्जी अध्यापकों सहित उनके सरपरस्त भी सलाखों के पीछे होते।
फर्जी नियुक्ति पत्र पर बने थे शिक्षक, दर्ज हुआ केस: भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर इन शिक्षकों पर शिक्षक की नौकरी हथियाने के आरोप में केस दर्ज है। रंजना कुमारी प्रावि निजामाबाद, अंकिता त्रिपाठी प्रावि लेडसरनानकार, बृजेश चौहान प्रावि रुद्रौलिया, रेनू देवी संवि बेवा मुस्तहकम, भूपेश कुमार प्रजापति प्रावि सिकौथा, बलराम त्रिपाठी प्रावि हरनाखुरी, भूपेंद्र कुमार प्रजापति प्रावि तरहर, राजेश चौहान प्रावि बेलवा दरिया बक्श शामिल हैं।