सिद्धार्थनगर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए शुक्रवार को जिले के आठ मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार धीमी रही लेकिन समय बढ़ने के साथ केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बढ़ती गई। दोपहर तक मतदान केंद्रों पर गहमागहमी का माहौल रहा।
शिक्षक मतदाताओं ने कतार में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कहीं पहली बार मतदान करने वाले शिक्षकों में उत्साह दिखा तो कहीं अनुभवी मतदाता शिक्षक हितों की उम्मीदों के साथ वोट डालने पहुंचे।
सुबह दस बजे तक जिले में 15.11 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस दौरान 2787 मतदाताओं में से 421 ने ही वोट डाले थे। शुरुआती दो घंटों में नौगढ़ में सर्वाधिक 19.52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि शोहरतगढ़ में मतदान की रफ्तार सबसे धीमी रही। सुबह के समय मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही लेकिन मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार चलती रही।
दोपहर 12 बजे तक मतदान प्रतिशत बढ़कर 45.68 हो गया। इस समय तक 1273 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। बढ़नी मतदान केंद्र 56.14 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। खेसरहा में भी आधे से अधिक मतदाताओं ने वोट डाल दिए थे। दोपहर बाद मतदान की रफ्तार और बढ़ी। दो बजे तक 1834 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे प्रतिशत 65.81 पहुंच गया।
शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक जिले में कुल 2142 मतदाताओं ने वोट डाले। इस तरह अंतिम मतदान प्रतिशत 76.86 रहा। मतदान करने वालों में 1745 पुरुष और 397 महिला मतदाता शामिल रहीं। अंतिम चरण में भी केंद्रों पर मतदान जारी रहा और निर्धारित समय पर प्रक्रिया पूरी कराई गई।
चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने सदर तहसील और बांसी मतदान केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता और प्रवेश-निकास द्वारों की सुरक्षा व्यवस्था देखी। पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
मतदान के दौरान शिक्षक समाज के मुद्दों पर भी चर्चा होती रही। पहली बार वोट डालने पहुंचे युवा शिक्षकों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर बताया जबकि अनुभवी मतदाताओं ने पुरानी पेंशन, सम्मान और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा जताई।