डुमरियागंज। मुकद्दस रमजान माह में खजूर से रोजा इफ्तार करना इस्लाम धर्म में सुन्नत (पुण्य) का जरिया बताया गया है। ऐसे में रमजान के दौरान खजूर की सर्वाधिक मांग रहती है। लेकिन इस बार खजूर के दाम में काफी बढ़ोतरी हो गई है। इसके लिए खजूर कारोबारी पूर्व में डीजल की बढ़ी कीमत के चलते ट्रांसपोर्ट माल ढुलाई का महंगा होना बता रहे हैं। पिछले वर्ष रमजान के समय बाजार में जो खजूर 120 रुपये के दाम से बिकता था इस बार उसका दाम 160 तथा 500 रुपये तक पहुंच गया है।
डुमरियागंज मंदिर चौराहा और तहसील रोड पर स्थित खजूर कारोबारी एक दर्जन की तादाद में फल के साथ खजूर का भी कारोबार करते हैं। इनके यहां विभिन्न क्वालिटी और ब्रांड में खजूर उपलब्ध है। जहां पर रमजान को लेकर लोग रोजा इफ्तार के लिए खजूर की खरीदारी कर रहे हैं। आमतौर से मुंबई, दिल्ली और सऊदी अरब तथा ईरान में पैदा होने वाली खजूर की रमजान में कदर बढ़ जाती है। इस बार भी रमजान के चलते खजूर का कारोबार तेज हो गया है।
डुमरियागंज कस्बे के खजूर कारोबारी मोहम्मद अजमल ने बताया कि पूर्व में डीजल के दाम में हुई मूल वृद्धि का असर फल और खजूर के दाम पर भी पड़ा है। पहले मुंबई, दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से जो खजूर प्रति किलो 5 से 10 रुपये के ट्रांसपोर्ट भाड़े में डुमरियागंज में आ जाती थी। वह अब सीधे 15 से 20 रुपये प्रति किलो के दाम में पहुंच गई है। इसके चलते खजूर का दाम और भी बढ़ना तय है।
डुमरियागंज कस्बे के मोहम्मद हुसैन और लालजी यादव, फिरोज, कल्लन, मुस्ताक तथा अतीक आदि ने बताया कि जब हमें बड़े कारोबारी महंगे दाम पर खजूर देंगे तो हम अपना माल भाड़ा और मजदूरी जोड़कर ही कारोबार करेंगे। बहरहाल मुकद्दस रमजान में इस बार फल और सेवई लच्छा तथा रोजा इफ्तार सामग्री में सबसे खास खजूर महंगाई से अछूती नहीं है। रोजेदारों को महंगे दाम पर खरीद कर रोजा इफ्तार करना पड़ रहा है।
खजूर की यह वैरायटी बाजार में है उपलब्ध
मुकद्दस रमजान में रोजेदारों के आहार का सबसे खास फल खजूर की विभिन्न वैरायटी यानी ब्रांड डुमरियागंज की बाजार में उपलब्ध है। इसमें प्राइमो डेट्स 180 रुपये प्रति किलो, मेडजूल 600 रुपये किलो, कलमी 700 रुपये प्रति किलो, अल्मा 400 रुपये प्रति किलो तथा रॉयल करोवन का फर्द खजूर पैकेट 500 रुपये प्रति किलो तथा पहली बार बाजार में आई ईरान डेट्स नामक खजूर 800 रुपये की प्रति किलो की दर से बाजार में उपलब्ध है।