खेसरहा। दशकों पूर्व बेलौहा बाजार में रोडवेज बसों के रूकने की व्यवस्था बंद कर दी गई दिया। अब बस का ठहराव यहां न होने से क्षेत्रीय यात्रियों को मेंहदावल, खलीलाबाद व गोरखपुर जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने पुनः बस स्टैंड स्थापित करने की मांग की है।
करीब तीन दशक पूर्व खेसरहा विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक दिवाकर विक्रम सिंह की पहल पर 1983 में रोडवेज बस स्टैंड बना था। यहां बांसी व गोरखपुर से आने वाली रोडवेज बसें आधा घंटा रुककर यात्रियों को बैठाती थीं। कभी-कभी क्षेत्रीय लोग भी जहां ठहराव का जगह था वहां बैठ कर बस आने का इंतजार करते थे। यहां बसों के ठहराव से क्षेत्र के करीब 50 गांव के लोगों को नंदौर, मेंहदावल, खलीलाबाद व गोरखपुर आने-जाने के लिए काफी सहूलियत मिल रही थी। लेकिन 1990 के बाद बेलौहा बाजार में बसों के ठहराव को बंद कर दिया गया। इसकी वजह से अब रोडवेज बसें तो चलती हैं, लेकिन यहां ठहरती नहीं हैं। अब यहां के क्षेत्रीय लोगों को खलीलाबाद व गोरखपुर का सफर डग्गामार वाहनों के भरोसे हो गया है।
बेलौहा बाजार में रोडवेज बसें यहां नहीं रुकती है। इसकी वजह से प्राइवेट साधनों से लोगों का आना-जाना मजबूरी हो गई है।
अंबिका पांडेय, सेवानिवृत्त अध्यापक
क्षेत्रीय लोगों की मांग पर तत्कालीन विधायक दिवाकर विक्रम सिंह ने स्थायी बस स्टैंड की स्थापना कराई थी, लेकिन टूटने के बाद निगम के अधिकारियों से किसी ने पहले नहीं किया।
राम बेलास मिश्रा, निवासी, बेलौहा बाजार
बेलौहा बाजार में बस स्टैंड के बारे में पता लगाएंगे, अगर स्टैंड बंद हो गया है तो चालू किया जायेगा।
विजय कुमार गंगवार, एआरएम