- बानगंगा और पहाड़ी नालों के उफान से शोहरतगढ़ के कई गांव पानी से घिरे
- जरूरी सामान और पशुओं का चारा लाने के लिए पानी के बीच से निकल रहे ग्रामीण
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव तक पहुंचने वाले रास्ते डूब चुके हैं। सोमवार को कहीं लोग पानी के बीच से सामान लेकर लौट रहे थे तो कहीं पशुओं के लिए चारा जुटाने की कोशिश करते दिखाई दिए। गांव के बाहर सड़क पर खड़े लोग लगातार बढ़ते पानी को देख घरों की ओर निहारते नजर आए।
अभी पानी घरों से दूर है लेकिन जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे ग्रामीणों को रात में घरों में पानी घुसने का डर सता रहा है। बानगंगा और पहाड़ी नालों में उफान के कारण शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव और टोले पानी से घिर गए हैं। दूसरी ओर इटवा क्षेत्र में भी नदियों और नालों का पानी सड़कों पर चढ़ गया है। इससे आवागमन प्रभावित है।
नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हुई बारिश के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में हालात तेजी से बदले हैं। बानगंगा समेत पहाड़ी नालों में पानी बढ़ा तो खेत और सड़कें इसकी चपेट में आने लगीं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद के नकोलडीह, पन्नापुर, शिवदुलारेडीह, मुरव्वनडीह, करौता और खैरी टोले में रास्तों पर पानी पहुंच गया। तौलिहवा ग्राम पंचायत के इटहिया, बालानगर, प्रतापपुर, लालपुर, कचरिहवा और फुलवरिया टोले भी पानी से घिरे हैं। तालकुंडा का तमकुहवा टोला भी चारों तरफ से पानी से घिरा है।
जरूरत का सामान लेने के लिए पानी में उतर रहे ग्रामीण
सोमवार शाम बाढ़ प्रभावित गांवों के रास्तों पर ग्रामीणों की आवाजाही जारी थी। कोई दवा लेने निकला था तो कोई तेल-मसाला और जरूरी सामान लेकर घर लौट रहा था। कई लोग पानी की गहराई का अंदाजा लगाकर रास्ता पार कर रहे थे। गांव में अभी पानी नहीं पहुंचा है लेकिन रास्ते डूबने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ पीड़ित कोदई साहनी, रामकुमार साहनी, मनबहाल मौर्य और जितेंद्र ने बताया कि बिजली नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मोबाइल और इन्वर्टर डिस्चार्ज हो चुके हैं। रात में अंधेरा होने पर मुश्किल और बढ़ जाती है। खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है। जिन परिवारों के सिलिंडर खत्म हो गए हैं, उनके लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने फसल नुकसान का सर्वे कराने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित गांवों में सिलिंडर पहुंचाने की मांग की है।
खेतों में पहुंचा पानी, फसलों पर संकट
शोहरतगढ़। तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद, तौलिहवा, खैरी उर्फ झुंगहवा, तालकुंडा, मटियार उर्फ भुतहवा, बसहिया और खैरा बाजार क्षेत्र में खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। धान, मूंगफली और सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। किसान फसल नुकसान को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी जल्द नहीं उतरा तो तैयार फसल को भारी नुकसान हो सकता है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी ने भी प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। नाव से बाढ़ प्रभावित टोलों में पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
कई गांवों में अब भी बिजली का इंतजार
तुलसियापुर। तेज हवा और बारिश के बाद जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन ढेबरुआ पावर हाउस से जुड़े तौलिहवा ग्राम पंचायत के बालानगर, कचरिहवा, फुलवरिया, लालपुर और इटहिया टोले में आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। खैरी शीतल प्रसाद के नकोलडीह में तार पर पेड़ गिरने से बिजली बाधित है। जेई सत्येंद्र कुमार ने बताया कि विद्युतकर्मी काम में जुटे हैं और जल्द आपूर्ति बहाल की जाएगी।
इटवा में दर्जनों मार्गों पर पानी
इटवा। क्षेत्र में अकरारी, परासी और सीकरी नालों के उफान के कारण चौखड़ा-गंगवार, करहिया पुल-चंदी चौराहा, करहिया पुल-ऊंचडीह, कठेला-गौरडीह और बढ़या-कठेला मार्ग समेत कई सड़कों पर पानी चढ़ गया है। राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।कंपोजिट विद्यालय मुडिला शिवदत्त के परिसर में करीब एक फुट पानी भर गया है। इससे बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी हो रही है।
दत्तरंगवा डिप पर पानी, तुलसीपुर मार्ग प्रभावित
बिस्कोहर। बिस्कोहर से बलरामपुर जिले के गौरा थाना क्षेत्र होते हुए तुलसीपुर जाने वाले मुख्य मार्ग के दत्तरंगवा डिप पर पानी भरने से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। सीरिया और नटी नाला के साथ बूढ़ी राप्ती नदी का पानी डिप तक पहुंच गया है। कुछ दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच से निकल रहे हैं, जबकि पैदल राहगीर भी जोखिम उठाकर रास्ता पार कर रहे हैं। तेज बहाव के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है।