फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: कल से शुरू होगा शारदीय नवरात्र, तैयारियां तेज

Sat, 10 Oct 2026 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
शहर के सिद्धार्थ तिराहे पर बन कर तैयार मां दुर्गा के प्रतिमा का स्थापित करने के लिए पंडाल। संवा
विज्ञापन
सकरपार। शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर रविवार से शुरू होगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाले इस पर्व में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन

नवरात्र को लेकर क्षेत्र के देवी मंदिरों, दुर्गा पूजा पंडालों और घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 अक्तूबर को महानवमी और 20 अक्तूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु कलश स्थापना कर मां भगवती की आराधना का संकल्प लेंगे। घरों और मंदिरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं, दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित करने वाले पूजा पंडालों को सजाने की तैयारी भी चल रही है। श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की उपासना करेंगे।
विज्ञापन

आचार्य चतुर्भुजा शुक्ल के अनुसार, नवरात्र में श्रद्धालु प्रतिदिन स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान धूप, दीप, रोली, अक्षत, लाल पुष्प और नैवेद्य अर्पित कर देवी की आराधना की जाती है। दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और देवी मंत्रों का जाप भी किया जाता है। अष्टमी और नवमी पर हवन तथा कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
कलश स्थापना के लिए सुबह से शुभ मुहूर्त : आचार्य चतुर्भुजा शुक्ल के अनुसार, 11 अक्तूबर को कलश स्थापना के लिए प्रातःकाल से सुबह 10:30 बजे तक शुभ समय रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि दोपहर 2:50 बजे से 4:21 बजे तक और शाम 5:49 बजे से 7:27 बजे तक भी कलश स्थापना के मुहूर्त बताए गए हैं। रात्रि 7:27 बजे से 9:24 बजे तक का समय लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष महत्व का माना जाता है।
विज्ञापन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के साथ नवरात्र की पूजा शुरू होती है। श्रद्धालु मां भगवती से सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें