सिद्धार्थनगर/बांसी। जिले में शब-ए-बारात मंगलवार की रात अकीदत और अहतराम के साथ मनाई जाएगी। शब-ए-बारात यानी गुनाहों से छुटकारे की रात है। इस अवसर पर सारी रात इबादत होगी और कब्रिस्तान में जाकर अपने मरहूमीन के लिए दुआएं मगफिरत की जाएगी।अगले दिन यानी बुधवार को रोजा रखा जाएगा।
मदरसा अंजुमन इस्लामिया शीरतुन नबी के मौलाना मुस्तकीम ने बताया इस्लामिक कैलेंडर हिजरी के आठवें महीने में शाबान माह की 15वीं रात शब-ए-बारात मनाई जाती है। इसके लिए क्षेत्र की सभी कब्रिस्तानों की सफाई के साथ सजावट की गई है। लोग पूरी रात अपने मरहूमीन के लिए दुआ करेंगे। उन्होंने बताया कि इस महीने में इंसानों के द्वारा किए गए कार्यों का लेखा-जोखा फरिश्ते अल्लाह के सामने पेश करते हैं और पूरे साल में इंसानों को दी जाने वाली रोजी का निर्धारण होता है। यही वजह है कि इस महीने का खास महत्व है। उन्होंने कहा कि यह रात बरकतों और रहमतों वाली है। खुशनसीब हैं वह लोग जिन्हें इस रात इबादत का मौका मिला है।