- सील किए गए तीन अस्पतालों के संचालकों से मांगे गए अभिलेखों के आधार पर तय होगा अगला कदम
- डायग्नोस्टिक सेंटर को भी संचालन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश
सिद्धार्थनगर। भवानीगंज में तीन अस्पतालों को सील किए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की नजर संबंधित संचालकों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेखों पर है। बुधवार को औचक निरीक्षण के दौरान दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल, लखनऊ पॉलीक्लीनिक और के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में संचालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। वहीं, श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर को भी संचालन संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया है।
जांच में दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल में चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं मिले थे। लखनऊ पॉली क्लीनिक और के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में भी संचालन से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब विभागीय स्तर पर यह देखा जाएगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास वैध पंजीकरण और संचालन से जुड़े आवश्यक अभिलेख हैं या नहीं।
सिद्धार्थनगर में इससे पहले भी सील किए गए निजी अस्पताल के दोबारा संचालित होने का मामला सामने आ चुका है। इटवा के जनता सेवा अस्पताल को कार्रवाई के बाद सील किया गया था। बाद में सील तोड़कर अस्पताल में चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने दोबारा जांच की थी। मामले में प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी की संस्तुति और कार्रवाई की खबर सामने आई थी।
ऐसे में भवानीगंज में बुधवार की कार्रवाई के बाद अब नोटिस के जवाब और अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
- बिना वैध अभिलेख और निर्धारित मानकों के किसी भी अस्पताल या जांच केंद्र का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। भवानीगंज में जांच के दौरान मिली कमियों के आधार पर तीन अस्पताल सील किए गए हैं। संचालकों से अभिलेख और स्पष्टीकरण मांगा गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. संजय कुमार दोहरे, सीएमओ