सिद्धार्थनगर। नेपाल के सभी 74 जिलों में स्क्रब टाइफस संक्रमण की पुष्टि और जनवरी से अब तक 10,210 मरीज मिलने के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में भी खतरे की घंटी बज गई है। नेपाल में बीमारी से सात लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में खुनुवां, बढ़नी, ककरहवा और मोहाना समेत सीमा के प्रमुख रास्तों से लगातार हो रही आवाजाही के बीच सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग के सामने संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय पर जांच की चुनौती बढ़ गई है। सीमा से लगे गांवों में निगरानी और स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच व्यवस्था मजबूत करना अब जरूरी हो गया है।
नेपाल के महामारी विज्ञान एवं रोग नियंत्रण महाशाखा के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक संक्रमण सभी 74 जिलों में पहुंच चुका है। संक्रमण के व्यापक प्रसार को देखते हुए नेपाल के स्वास्थ्य एवं खाद्य स्वच्छता मंत्रालय ने जांच, उपचार और निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है।
अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रैपिड टेस्ट किट और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य सेवा विभाग की प्रबंधन शाखा में पांच हजार जांच किट का स्टॉक बताया गया है। जून में करीब एक हजार चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बीमारी की पहचान और उपचार के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।
68 किमी सीमा पर बढ़ी चुनौती : सिद्धार्थनगर की करीब 68 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर कई प्रमुख रास्तों से दोनों देशों के लोगों की आवाजाही होती है।
नेपाल के सभी जिलों में संक्रमण सामने आने के बाद सीमा से लगे भारतीय क्षेत्रों में बुखार और स्क्रब टाइफस से जुड़े मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने की जरूरत है।