सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जिले के भनवापुर, उसका, बढ़नी, जोगिया, इटवा और शोहरतगढ़ शिक्षा क्षेत्रों के 61 परिषदीय विद्यालय प्रभावित हुए। कहीं परिसर में जलभराव रहा तो कहीं बाढ़ का पानी विद्यालय भवन में घुस गया। इससे कई दिनों तक पढ़ाई बाधित रही।
अब पानी उतरने के बाद अधिकतर विद्यालयों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं लेकिन बाढ़ प्रभावित स्कूलों में दवा छिड़काव और फाॅगिंग नहीं होने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बुधवार को तीन शिक्षा क्षेत्रों के विद्यालयों की पड़ताल में कई जगह पढ़ाई सामान्य मिली। वहीं, कुछ स्कूलों में भवन के प्रभावित होने के कारण बच्चों को दूसरे स्थान पर पढ़ाया जा रहा है। शिक्षकों के अनुसार जलभराव के बाद परिसर में घास-फूस सड़ने से दुर्गंध भी बनी हुई है। भनवापुर के 20 विद्यालय हुए थे प्रभावित ः शाहपुर। राप्ती नदी के उफान से भनवापुर शिक्षा क्षेत्र के 20 परिषदीय विद्यालय बाढ़ की चपेट में आए थे। पानी भरने के कारण कई विद्यालयों में पढ़ाई रोककर बच्चों को गांव के सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाया गया। पानी उतरने के बाद 13 विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है जबकि सात में अभी जलभराव बताया गया।
कंपोजिट विद्यालय पेंडारी मुस्तहकम में 221 बच्चों का नामांकन है। बाढ़ के कारण विद्यालय बंद कर गांव में पढ़ाई कराई जा रही थी। सफाई के बाद बुधवार से विद्यालय में कक्षाएं शुरू हुईं। पहले दिन 88 बच्चे उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय पिकौरा में भी करीब छह दिन तक पढ़ाई प्रभावित रही। पानी निकलने के बाद सफाई कर बुधवार से विद्यालय का संचालन शुरू किया गया। यहां 84 बच्चों का नामांकन है, जिनमें 35 उपस्थित रहे। पड़ताल में दोनों विद्यालयों में परिसर से पानी निकल चुका था, लेकिन घास-फूस सड़ने से दुर्गंध आ रही थी। शिक्षकों ने बताया कि अभी तक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। बीईओ संतोष शुक्ल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में दवा छिड़काव के लिए खंड विकास अधिकारी से बात की गई है। जल्द ही छिड़काव कराया जाएगा।
बढ़नी के विद्यालयों में भी लौटी राैनक ःतुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटहिया, प्राथमिक विद्यालय बालानगर, प्राथमिक विद्यालय टीकर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैरी शीतल प्रसाद और कंपोजिट विद्यालय पकड़िहवा समेत कई विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हुए थे। अब पानी निकलने के बाद विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई है। बढ़नी के एसडीआई अरुण कुमार ने बताया कि टीकर और खैरी शीतल में पढ़ाई प्रभावित हुई थी। पानी भरा था लेकिन विद्यालय बंद नहीं किए गए थे।