सिद्धार्थनगर। रोडवेज से निकलने के बाद चौराहों पर बसों के ठहराव का समय निर्धारित न होने से यात्रियों को परेशानी होती है। बस दिखने के बाद यात्री दौड़ लगाकर उसमें चढ़ते हैं। वहीं न दौड़ पाने वाले यात्री प्राइवेट से सफर करते हैं। शहर के हाइडिल, साड़ी, बांसी मोड़, सनई में बस का ठहराव नहीं होने से शहर के यात्रियों को असुविधा होती है।
सिद्धार्थनगर डिपो से प्रतिदिन विभिन्न रूटों के लिए 60 बसें निकलती हैं, लेकिन तहसील मुख्यालय और कुछ चुनिंदा चौराहों को छोड़ दिया जाए तो रोडवेज की बसें कहीं रुकती नहीं हैं। इससे यात्री दौड़कर बस पकड़ते हैं। उसमें भी दौड़ पाने में असमर्थ यात्री नहीं चढ़ पाते हैं। ऐसे में न चाहते हुए यात्री रोडवेज की बजाय प्राइवेट बस में अधिक किराया देकर बैठने को विवश रहते हैं। हाइडिल से उसका, फरेंदा व गोरखपुर जाने के लिए लोग निकलते हैं, लेकिन यहां पर बस का ठहराव नहीं होता है। रोडवेज से यात्रा करने वाले यात्री सरोज, अनवर, दुर्गेश ने बताया कि बसों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया कि यात्रियों के निकलने वाले स्थानों पर बस को कुछ देर के लिए ठहराव की व्यवस्था है, यात्री नहीं होने पर बस नहीं रोका जाता है। बस के रुकने के लिए कोई स्टैंड नहीं है।