सिद्धार्थनगर। खेसरहा क्षेत्र के कलनाखोर और छोटकी पेडारी गांव में फुल्की खाने से 180 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में विक्रेता की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वह करीब तीन माह पहले गांव छोड़कर बाहर कमाने चला गया था। लगभग तीन दिन पहले ही वापस लौटा था और दोबारा फुल्की बेचने लगा था। शुक्रवार शाम उसने दोनों गांवों में घूमकर फुल्की बेची थी। इसके करीब तीन घंटे बाद लोगों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत शुरू हो गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, फुल्की विक्रेता पहले भी गांव में दुकान लगाता था। शुक्रवार शाम उसके ठेले से दो साल के बच्चों से लेकर 60 वर्ष तक के लोगों ने फुल्की खाई थी। देर शाम लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई परिवारों के सदस्य इसकी चपेट में आ गए।
ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान आदित्य प्रताप सिंह को दी। शुरुआत में कुछ लोगों ने निजी अस्पतालों और खेसरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया, लेकिन शनिवार शाम और रात में फिर से लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
ग्रामीणों के अनुसार, छोटकी पेडारी गांव में करीब 110 और कलनाखोर में 70 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। कई लोगों को उल्टी-दस्त के साथ सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। कुछ मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जबकि अन्य का उपचार गांव में ही कराया गया।
दो सीएचसी की टीमें गांव में तैनात : फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर सीएमओ डॉ. संजय कुमार दोहरे खेसरहा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका की टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने एक-एक प्रभावित परिवार से मिलकर मरीजों की स्थिति जानी। जिन लोगों को उपचार की जरूरत थी, उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गईं। दोनों सीएचसी की टीमों को 24 घंटे गांव में तैनात किया गया है। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार प्रभावित लोगों की जांच और निगरानी कर रहे हैं।