सिद्धार्थनगर। जिले के उसका ब्लॉक के ग्राम तिघरा निवासी मानसी द्विवेदी को गोरखपुर विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि मिली है। प्रो. पूजा सिंह के मार्गदर्शन में पूरा किए शोध में उन्होंने स्ट्रॉबेरी पर कवक संक्रमण तथा इसके प्राकृतिक प्रबंधन का विश्लेषण किया है।
डॉ. मानसी द्विवेदी ने अपने शोध के दौरान डॉ. रितेश कुमार राय और प्रो. पूजा सिंह के साथ मिलकर ‘ऑर्गेनिक बेरी सेफ गार्ड’ नामक एक प्राकृतिक यौगिक विकसित किया है। यह नवाचार विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी जैसे शीघ्र खराब होने वाले फलों के लिए वरदान साबित होगा।
डॉ. मानसी के शोध विश्लेषण में पाया गया कि यह उत्पाद फलों की शेल्फ लाइफ को अद्भुत तरीके से बढ़ा देता है, जो स्ट्रॉबेरी सामान्य तौर पर यह 2-4 दिन में खराब हो जाती है, वह इसके प्रयोग से सामान्य तापमान पर 10-12 दिन और कोल्ड स्टोरेज में 20-25 दिनों तक सुरक्षित रह सकती है। इसके उपयोग से फलों के स्वाद, पोषण और गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
यह पूरी तरह प्राकृतिक, इको-फ्रेंडली व सुरक्षित यौगिक है, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है। कम लागत में तैयार होने के कारण यह किसानों और व्यापारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद किफायती है।