सिद्धार्थनगर। समय से सूचना न देने पर मंगलवार को राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कुल 22 प्रकरणों में 35 अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
उसके साथ ही चार प्रकरणों में अभिलेख गायब होने से संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के साथ विलंब स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया है। यह कार्रवाई शहर के भीमापार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी द्वारा मांगी गई सूचना के जवाब में हुई देर के बाद की गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी द्वारा जनपद के विकास और सिंचाई विभाग से सूचना मांगी गई थी। विभाग द्वारा समय से सूचना न देने पर देवेश ने आयोग से अपील की। 30 दिसंबर को देवेश मणि त्रिपाठी से संबंधित कुल 29 प्रकरण आयोग के सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने की।
इस दौरान सूचना आयुक्त ने सिद्धार्थनगर से संबंधित 27 प्रकरण में से 22 प्रकरणों में अर्थदंड की कार्रवाई की। उसके साथ ही ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सिद्धार्थनगर से संबंधित कुल चार प्रकरण में अधिशासी अभियंता को अभिलेख अपूर्ण होने के साथ जो अभिलेख गायब है, उसके संबंध में एफआईआर दर्ज कराने और प्रकरण से संबंधित विस्तृत विवरण शपथ-पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा सूचना उपलब्ध कराई गई, जिसमें से कुछ अभिलेख की छायाप्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। पूर्ण अभिलेख न होने को लेकर आवेदक द्वारा अभिलेख गायब कर दिए जाने की संभावना व्यक्त की गई।
प्रकरण की गंभीरता को लेकर आयोग द्वार अभिलेख गायब होने के संबंध में एफआईआर दर्ज किए जाने और सूचना समय से उपलब्ध न कराए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण के साथ गायब अभिलेख का पूर्ण विवरण भी हलफनामा के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।