डुमरियागंज नगर से सटे राजस्व ग्राम कोहलचक उर्फ बड़हरा गांव का मुख्य सड़क का आधा से अधिक हिस्सा
सिद्धार्थनगर। नेपाल में भारी बारिश और पानी का दबाव बढ़ने के बाद जिले में हालात बेकाबू होने लगे हैं। जिले पिछले चार दिनों से हो रही बारिश शनिवार को थम गई। लेकिन, नदियों के उफान से तटवर्ती गांव के लोगों की धड़कन बढ़ गई।
बूढ़ी राप्ती के खतरे के निशान के पार जाने के साथ ही नौगढ़ तहसील के संगलदीप गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव पानी से निकलने वाले मार्ग पर पानी है। नाव के सहारे वह जरूरत के सामने लेकर आ रहे हैं।
वहीं, डुमरियागंज में राप्ती के उफान से सबसे पहले प्रभावित होने वाले बड़हरा गांव पर संकट खड़ा हो गया है। गांव को जोड़ने वाले मार्ग का 50 प्रतिशत हिस्सा कटकर नदी में विलीन हो चुका है। पूरा कटते ही गांव संपर्क से टूट जाएगा। वहीं, सीमावर्ती इलाके के शोहरतगढ़ क्षेत्र में कई नदी और नाले से घिरा होने के कारण बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। नादियों की बात करें तो बूढ़ी राप्ती और कूड़ा खतरे के पार बह रही है। जबकि, राप्ती का जलस्तर चार सेमी बढ़त दर्ज की गई है जो चिंता का विषय है।
गांव का संपर्क मार्ग 50 प्रतिशत कटकर विलीन: शाहपुर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव का राजस्व ग्राम कोहलचक उर्फ बड़हरा गांव में राप्ती नदी की कटान जारी है। गांव में जाने वाली मुख्य सड़क का आधे से अधिक हिस्सा राप्ती की कटान में समा चुका है। फिर भी जिम्मेदारों ने बचाव कार्य नहीं कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि बचाव के लिए गिरवाएं गए ईंट के रोड़े भी उठवा ले गए। लगातार जलस्तर से बढ़ने से लोगों ने डर और दहशत है। मार्ग के कटते ही आफत आ जाएगी।
जान जोखिम में डालकर गांव में प्रवेश कर रहे ग्रामीण : शाहपुर। बड़हरा गांव में जाने वाली मुख्य सड़क का आधा से अधिक हिस्सा राप्ती के कटान में समा चुका है। ग्रामीण गांव में जाने वाली सड़क के सकरे रास्ते से आने जाने के लिए मजबूर हैं।