बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के तौलिहवा ग्राम सभा बाला नगर के रोड पर बाढ़ का पानी। संवाद
सिद्धार्थनगर। जिले में नदियों और नालों का पानी एक बार फिर डराने लगा है। बूढ़ी राप्ती के तीनों गेज स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है जबकि तेलार नाला भी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। 30 सितंबर की शाम चार बजे की ड्रेनेज खंड की रिपोर्ट ने तटवर्ती गांवों में फिर चिंता बढ़ा दी है।
सबसे गंभीर स्थिति ककरही पुल पर है। यहां बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 86.78 मीटर दर्ज हुआ जबकि खतरे का स्तर 85.65 मीटर है। यानी नदी 1.13 मीटर ऊपर बह रही है। सुबह आठ बजे यह 86.61 मीटर था। आठ घंटे में 17 सेंटीमीटर बढ़ाव दर्ज किया गया।
बाढ़ खंड से जारी आंकड़ों के मुताबिक मुंझौरवा घाट पर बूढ़ी राप्ती 88 सेंटीमीटर और परसोहन घाट पर 36 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है। मुंझौरवा में शाम चार बजे जलस्तर 91.67 मीटर और परसोहन में 95.91 मीटर दर्ज किया गया। सबसे तेज बढ़ाव तेलार नाले में देखने को मिला। सड़ड़ा नाला गेज स्टेशन पर सुबह आठ बजे पानी 88.00 मीटर था, जो शाम चार बजे बढ़कर 88.40 मीटर हो गया। खतरे का स्तर 87.50 मीटर है। यानी नाला 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।