मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के सहारे भर्ती मरीज। संवाद
सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम में सांस की समस्या से पीड़ित मरीजों की सेहत पर इसका असर दिखने लगा है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
सांस फूलने और खांसी आने संबंधी परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ही रोजाना ऐसे 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार दमा रोगियों की सांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से परेशानी बढ़ गई है।
मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रह है। इस मौसम में सांस के मरीजों के लिए समस्या बढ़ गई है। मौसम में बदलाव के बाद से जहां अभी तक सांस ओर इससे जुड़ी बीमारियों के पांच से छह मरीज आते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से बदले मौसम से अब 20 से 25 मरीज सांस से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। बाल रोगियों को नेबुलाइजर देने की जरूरत पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि दिवाली पर घरों में सफाई होती है। वहीं, सुबह-शाम की ठंड और दोपहर में धूप खिलने से गर्मी हो जाती है। सांस मरीजों की सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं, जिससे यह सिकुड़ जाती हैं। परेशानी अधिक होने पर दमा रोगियों का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा है।
चिकित्सकों ने बताया कि सांस के मरीजों को इस समय में सावधान रहने की जरूरत है। समस्या होने पर चिकित्सकों की भी सलाह लें, जिससे उन्हें गंभीर रूप से परेशान न होना पड़े। ।