सिद्धार्थनगर। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में राजस्व वाद एवं वसूली के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बिजली निगम, वन विभाग, भू-राजस्व, खनन एवं मंडी समिति की वसूली कम पाई गई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कहा कि बड़े बकाएदारों को आरसी जारी कर वसूली, कुर्की की कार्रवाई करें।
इस मौके पर डीएम ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लाभार्थियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे समय सीमा के अंदर निस्तारण कराएं। आवेदन पत्रों का ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य रूप में करायें। निर्विवाद वरासत एवं राजस्व वादों के निस्तारण आदि की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि रिपोर्ट स्वयं चेक करके ही भेजें। निर्विवाद वरासत की कोई प्रकरण लंबित न रहे समय सीमा के अंदर निस्तारण कराएं, राजस्व निरीक्षक या लेखपाल के स्तर पर लंबित होने पर उनको नोटिस निर्गत करें। उन्होंने धारा 24 के वादों को पोर्टल पर फीडिंग कराने के साथ निस्तारण कराने के निर्देश दिए। अवैध अतिक्रमण को चिह्नित करते हुए कब्जा मुक्त कराएं और अभियान चलाकर चकमार्ग को चिह्नित कराएं।
उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार व तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार को प्रत्येक दिन कोर्ट में बैठकर तीन वर्ष से अधिक के सभी वादों काे निस्तारित करने के निर्देश दिए। प्रतिदिन केस की सुनवाई करें। वादों के निस्तारण को ऑनलाइन फीडिंग कराने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देशित किया। किसी भी धारा का पांच साल एवं तीन साल के ऊपर का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए।