विजयी प्रत्याशी रीता को प्रमाण पत्र देते एडीएम गौरव श्रीवास्तव।
बांसी। न्यायालय सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर शुक्रवार को मतगणना के छठे चरण के चार्ट की गिनती कर एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने रीता देवी को जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपा। शुक्रवार को मतगणना के बाद प्रमाणपत्र देते हुए रीता देवी को बधाई दी।
पुनर्मतगणना के बाद जिला पंचायत सदस्य पद पर निर्वाचित हुई रीता देवी बांसी ब्लॉक के ग्राम तेजगढ़ की निवासी है। इन्हें चुनाव के चार साल बाद कोर्ट में चले केस में फैसले के बाद जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित घोषित किया गया है।
रीता देवी के अधिवक्ता प्रमोद सिंह ने से बताया कि रीता देवी बनाम सुनरा देवी को लेकर चुनावी केस चला कि छठे चरण मतदान में मतगणना अधिकारियों ने योगफल गलत करके विजयी प्रत्याशी को हटाते हुए कूट रचित तरीके से दूसरे का नाम अंकित करके घोषणा कर दी और सुनरा देवी को जिला पंचायत सदस्य घोषित कर दिया गया। जबकि ऐसा नहीं था छठे चरण में मतदान का कुल योगफल 468 था जो गलत था। इसे 378 होना चहिए था।
प्रत्याशी रीता देवी पांच वोटों से विजयी हुई थीं, लेकिन सुनरा देवी को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके संबंध में रीता देवी के दाखिल वाद पर न्यायालय सत्र न्यायाधीश के यहां केस चला, जहां न्यायालय ने सभी प्रपत्रों का अवलोकन के बाद पाया कि पांच मतों से रीता देवी विजयी है।
12 अगस्त को अपर जनपद न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने फैसला दिया कि सभी मत पत्रों का गणना की जाए और रीता देवी को विजयी घोषित करके प्रमाण पत्र दिया जाए। इसके बाद अपर जिलाधिकारी की ओर से रीता देवी को पांच मतों से विजयी घोषित करते हुए प्रमाणपत्र सौंप दिया। साथ ही एक आदेश न्यायालय की ओर से दिया गया कि जिन-जिन लोगों ने कूट रचित दस्तावेज में सहयोग किया है। उन पर उचित एवं दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।