66 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल हरवंशपुर के कैंप परिसर में एसएसबी के जवानों को राखी बांधती छात्रा
- 43वीं और 66वीं वाहिनी एसएसबी में रक्षाबंधन पर छात्राओं ने बांधी राखी, जवानों ने कहा-देश की हर बेटी हमारी बहन
सिद्धार्थनगर/लोटन। सीमा की सुरक्षा में दिन-रात तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों के साथ गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व आत्मीय माहौल में मनाया गया। जिले की 43वीं वाहिनी सिद्धार्थनगर और 66वीं वाहिनी हरिवंशपुर (लोटन) में विद्यालयों की छात्राओं ने जवानों व अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनके सुख, समृद्धि व दीर्घायु की कामना की।
43वीं वाहिनी में रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार की छात्राएं पहुंचीं। उन्होंने जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का योगदान अतुलनीय है। राखी बंधवाने के बाद जवानों ने छात्राओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं लोटन क्षेत्र के हरिवंशपुर स्थित 66वीं वाहिनी एसएसबी कैंप में सरस्वती शिशु मंदिर ठोठरी व लोटन की छात्राओं ने जवानों को राखी बांधी। एसएसबी निरीक्षक कुंवर पाल सिंह ने कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी के कारण जवान अक्सर त्योहारों पर घर नहीं जा पाते लेकिन बहनों द्वारा राखी बांधने से उन्हें पूरे देश का अपनापन महसूस होता है।
दोनों वाहिनियों में जवानों ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर उपहार भेंट किए और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन का पर्व नहीं बल्कि विश्वास, सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज और सीमा पर तैनात जवानों के बीच आत्मीय जुड़ाव को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में एसएसबी अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।