शहर के सिद्धार्थ तिराहे से रेलवे स्टेशन का मार्ग जर्जर और गड्ढे में तब्दील। संवाद
सिद्धार्थनगर। सिंहेश्वरी मंदिर से सिद्धार्थ तिराहा तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग का कायाकल्प किया जाएगा। डामर की जगह आरसीसी सड़क बनाई जाएगी। आधुनिक स्ट्रीट लाइट और जलनिकासी की व्यवस्था भी होगी। नगर पालिका के प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल गई है। दो करोड़ रुपये से अधिक लागत से होने वाले इस कार्य के पूरा होने के इस मार्ग को नगर गौरव पथ के रूप में विकसित करने की योजना है।
रेलवे स्टेशन मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इसी रास्ते से सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सिंहेश्वरी मंदिर, विद्यालयों और शहर के कई मोहल्लों तक लोग आवागमन करते हैं। लोटन क्षेत्र के अलावा महराजगंज और नेपाल से आने-जाने वाले लोग भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मार्ग पर वाहनों और लोगों का दबाव अधिक रहता है।
मौजूदा समय में सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है। डामर की सड़क होने और वाहनों के लगातार दबाव के कारण बारिश के दौरान सड़क के टूटने की समस्या बढ़ जाती है। कई स्थानों पर नालियों के स्लैब भी टूटे हैं। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण के कारण भी आवागमन प्रभावित होता है। लंबे समय से मार्ग के स्थायी सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी।
नगर पालिका ने सिंहेश्वरी मंदिर से सिद्धार्थ तिराहा तक सड़क के पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रस्ताव के अनुसार सड़क आरसीसी की बनाई जाएगी।
इसके साथ जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे बारिश में सड़क के जल्दी खराब होने की समस्या कम होने और रात में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
शहर की पहचान बनेगा गौरव पथ : रेलवे स्टेशन शहर का प्रमुख प्रवेश और संपर्क केंद्र है। स्टेशन से शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाले मार्ग का बेहतर होना शहर की छवि के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। नगर पालिका की योजना पूरी होने के बाद यह मार्ग शहर के प्रमुख आकर्षक मार्गों में शामिल हो सकता है। स्टेशन रोड को नगर गौरव पथ के रूप में विकसित करने की योजना इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।