- 10 नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर मनमानी कार्रवाई और आंतरिक लोकतंत्र प्रभावित करने का लगाया आरोप
कपिलवस्तु। नेपाली कांग्रेस कपिलवस्तु में जिला नेतृत्व के कामकाज को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया है। 10 नेताओं ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर जिला नेतृत्व पर संविधान के विपरीत फैसले लेने और मनमानी कार्रवाई का माहौल बनाने का आरोप लगाया। नेताओं ने निचली इकाइयों की सिफारिशों का सम्मान करने और संगठन में संवाद शुरू करने की मांग की है।
संयुक्त बयान में आरोप लगाया गया कि पिछले चुनावों में निचले स्तर से सर्वसम्मति से भेजे गए उम्मीदवारों को दरकिनार कर संविधान के विपरीत केंद्र से टिकट दिए गए। जिला कार्यसमिति पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का भी आरोप लगाया गया। नेताओं ने कहा कि आम अधिवेशन को आधार बनाकर 700 से अधिक कार्यकर्ताओं को बिना सफाई का अवसर दिए संगठनात्मक रूप से किनारे किया गया।
बयान में क्षेत्रीय और इकाई स्तर पर निर्वाचित अध्यक्षों को निजी और गुटीय हितों के आधार पर हटाने का आरोप भी लगाया गया। नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व से जिला नेतृत्व की गतिविधियों पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
नेताओं ने गलत तरीके से प्रभावित कार्यकर्ताओं को उचित स्थान देने, अनधिकृत बदलाव रोकने तथा आगामी संगठनात्मक प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर पहल नहीं होने पर आगामी 15वें महाधिवेशन के सभी कार्यक्रमों के बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। बयान में इससे उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी जिला नेतृत्व पर होने की बात कही गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी बयान पर जिला संयुक्त सचिव मो. वजीह अरसद, कपिलवस्तु निर्वाचन क्षेत्र-1 के क्षेत्रीय अध्यक्ष अब्दुल मन्नान खान, प्रांतीय सदस्य उम्मीदवार दोलख राम घिमिरे, प्रांतीय क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गा बहादुर केसी, नगर अध्यक्ष खुर्शीद अहमद खान, जिला सदस्य हरि राज घिमिरे समेत 10 नेताओं के हस्ताक्षर हैं।