- एआरपी और विज्ञान शिक्षकों की टीम परखेगी बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा
- दो नवंबर को रतन सेन डिग्री कॉलेज में 100 चयनित टीमें देंगी अंतिम प्रस्तुति
बांसी। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत बुधवार को जिले के सभी 14 ब्लॉकों में बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) पर एआरपी और माध्यमिक स्तर के विज्ञान शिक्षकों की टीम तैनात रहेगी। इस वर्ष जिले से रिकॉर्ड 933 टीमों ने पंजीकरण कराया है। ब्लॉक स्तर पर मूल्यांकन के बाद इनमें से 100 सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन किया जाएगा। चयनित टीमें दो नवंबर को रतन सेन डिग्री कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में अपने प्रोजेक्ट की अंतिम प्रस्तुति देंगी।
जिला आयोजन समिति के जिला शैक्षणिक समन्वयक डॉ. हंसराज कुशवाहा और जिला समन्वयक अंशुमान सिंह ने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद की ओर से 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ''''निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार'''' है। इसके तहत जिले के विद्यार्थियों ने एनसीएससी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन के बाद अब 28 अक्तूबर को ब्लॉक नोडल स्तर पर प्रोजेक्ट की जांच होगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष पैनल तैयार किया गया है। सभी 14 ब्लॉकों में संबंधित ब्लॉक के एआरपी और माध्यमिक स्तर के दो विज्ञान शिक्षक संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट की वैज्ञानिक उपयोगिता, नवीनता और विषय की समझ को परखा जाएगा।
ब्लॉक स्तर पर चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले की 100 सर्वश्रेष्ठ टीमों को जिला स्तरीय मुख्य समागम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। दो नवंबर को रतन सेन डिग्री कॉलेज में चयनित बाल वैज्ञानिक अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।