सिद्धार्थनगर। कड़ाके की ठंड बढ़ते ही हृदय और दमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। इमरजेंसी में कभी कभार पहुंचने वाले मरीजों की संख्या एक-दो से बढ़कर 8-10 तक पहुंच गई है। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को ठंड के मौसम में विशेष ख्याल रखने की सलाह दे रहे हैं।
ओपीडी में हृदय और सांस से संबंधित प्रतिदिन 25 से 30 रोगी आ रहे हैं, जिनका मेडिसिन के डॉक्टर इलाज कर रहें हैं जबकि गंभीर स्थिति होने पर उन्हें कार्डियोलॉजिस्ट से दिखाने की सलाह दी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि सर्दी में अस्थमा और हृदय के रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। इन दिनों सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज अचानक बढ़ गए हैं। इसके लिए इमरजेंसी में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। सर्दियों के सीजन में सांस संबंधी समस्या वाले रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों गर्म पानी का सेवन करना चाहिए।
सर्दी में सिर ढककर निकलें, बीपी रखें नियंत्रित: ठंड में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शरीर का तापमान सामान्य रखें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। नियमित चेक कराते रहें। डाॅक्टर ने जो दवा लिखी गई है उसकी डोज को संशोधित करा लें। इसके अलावा जब सुबह को सोकर उठें तो तुरंत बाहर न निकलें।