सिद्धार्थनगर। जिले से बड़े शहराें के लिए संचालित स्लीपर बसें क्षमता से अधिक सवारी भरकर तेज रफ्तार से फर्राटा भर रही हैं। इससे जहां नियमों की अनदेखी हो रही है। वहीं, कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच हादसे का भी खतरा बढ़ गया है।
जिले के कई प्रमुख जगह से प्राइवेट बस चालक दिल्ली, मुंबई, गुजरात सहित कई बड़े शहरों का यात्रा करते हैं। इससे जिले के यात्री सुविधा को देखकर अधिक आकर्षित होते हैं जबकि कई बार यात्री क्षमता से अधिक सवारी भी भर रहे हैं और तेज रफ्तार में बस चला रहे हैं, जो हादसे का कारण बन रही है।
सीट और गैलरी के अलावा छत पर सामान भी रखे जा रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जा रही है। इसके बावजूद चालक अपनी जान के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी नजरअंदाज कर रहे हैं।
जिले के सुरेश, आदित्य, दिनेश ने बताया कि प्राइवेट बस चालक मनमाने ढंग से यात्रियों को बैठाते हैं जबकि गैलरी सहित अन्य जगहों पर सामान भी रखते हैं।
एआरटीओ प्रियंबदा सिंह ने बताया कि बसों की औचक जांच की जाती है। सवारी अधिक हाेने पर कार्रवाई भी की जाती है जबकि कई बार बस भी सीज की जाती है।