- सभी तहसीलों के लिए विभाग ने नामित किए खरीद केंद्र
- किसानों को नजदीकी केंद्रों पर मिलेगी सुविधा
सिद्धार्थनगर। धान खरीद को लेकर विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है। खरीद के लिए कुल 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों को यह ध्यान में रखकर बनाया गया है कि किसानों को लंबी दौड़ न लगानी पड़े और वह आसानी से अपनी उपज बेच सकें। फिलहाल, अभी क्रय नीति नहीं आई है। क्रय नीति आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि नियम में क्या बदलाव हुआ। समर्थन मूल्य इस बार प्रति क्विंटल 2461 रुपये तय किया गया। जो किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिये भेजा जाएगा। साथ ही जनपद को खरीद लक्ष्य भी आवंटित नहीं हुआ है।
किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सके और बिचौलियों की घुसपैठ रुक सके। इसके लिए सरकार की ओर से क्रय केंद्रों का सक्रिय करने के साथ ही समर्थन तय करती है। इससे किसान अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें। धान का समर्थन मूल्य तय होने के साथ ही विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है। जनपद में इस साल धान खरीद के लिए कुल 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें तहसीलवार केंद्र बने हैं, जिससे किसानों को लंबी दौड़ न लगाने पड़े।
इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण करने वाले किसान ही अपनी उपज बेच सकेंगे। उन्हें खतौनी, आधार और बैंक पासबुक के साथ पंजीकरण करवाना होगा। फिलहाल क्रय नीति आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किसानों का सत्यापन कैसे होगा? किस स्तर पर सत्यापन करने वाले अधिकारी नामित होंगे? इसके अलावा अभी किसानों के पंजीकरण की तिथि घोषित नहीं किया गया है। तिथि घोषित होने के बाद किसान आवेदन कर सकेंगे।
इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि क्रय केंद्र बन गए हैं। अभी ऑनलाइन पंजीकरण की तिथि घोषित नहीं हुई है। शासन से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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ब्लॉकवार बने हैं क्रय केंद्र
नौगढ़ तहसील क्षेत्र के कुल 21 क्रय केंद्र बनें हैं। इसमें ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग हैं। इसी प्रकार से बांसी तहसील क्षेत्र में 16 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में कुल 11 केंद्र बने हैं। इटवा तहसील क्षेत्र में 12 और डुमरियागंज में 13 केंद्र सहित कुल 73 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 32, पीसीएफ के 20, यूपीपीसीयू 20 और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र बना हुआ है।