- परसिया पॉवर हाउस से बिजली कटौती ने बढ़ा दी उपभोक्ताओं की मुसीबत
शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ कस्बा सहित क्षेत्र हजारों गांव के लोगों अघोषित बिजली की कटौती परेशान है। पिछले कुछ दिन से शाम सात बजे से रात्रि साढ़े 12 बजे तक अगल-अलग शिफ्ट में दो घंटे-तीन की रोस्टरिंग के नाम पर बिजली काट दी जा रही है। इससे उमस भरी रात में उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ गई है और सुकून की नींद के वे लिए परेशान हैं।
परसिया पावर हाउस से शोहरतगढ़ कस्बा सहित बरगदवा फीडर, करहिया फीडर और करौती फीडर से बिजली की सप्लाई संचालित की जाती है। इन फीडरों से हजारों गांव में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहरी क्षेत्रों 21 और ग्रामीण में 18 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है लेकिन मौजूदा समय में शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं मिल पा रही है।
बरगदवा, करहिया और करौती फीडर के उपभोक्ताओं के अनुसार सोमवार को 6:30 से 7:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके बाद रात 9:11 से 11:10 बजे तक बिजली रोस्टरिंग के नाम पर बिजली गायब हो गई। मंगलवार की रात में 10:30 से 12:30 बजे की सप्लाई ठप रही। करीब ढाई घंटे बाद आपूर्ति मिलने के बाद रात 2 बजे फिर बिजली गुल हुई तो भोर 5 बजे बिजली की सप्लाई बहाल हुई। इसी तरह बुधवार को 7 बजे से 9 तक रोस्टरिंग के नाम पर बिजली काट दी गई। पूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद 10:30 से 12:30 बजे तक सप्लाई गुल हो गई। लगभग दो घंटे बाद बिजली की सप्लाई आई तो रात दो बजे फिर बिजली कटौती कर दी गई।
क्षेत्र के गणेश, मनु, लकी, राहुल शुक्ला, संदीप, शत्रुहन आदि ने बताया कि दिन में भी थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली गुल हो जाती है और थोड़ी देर के आ जाती है लेकिन रात में रोस्टरिंग के नाम पर कई-कई घंटों बिजली कटौती की जा रही है। इससे उमस भरी गर्मी में जीना दुश्वार हो गया है।
इस संबंध में एसडीओ विनोद कुमार ने बताया गर्मी बिजली का भार बढ़ गया है। इसकी वजह से रोस्टरिंग कोड ऊपर आता है। शिफ्टवार एक से डेढ़ घंटे की रोस्टरिंग कई बार की जा रही है।
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बोले उपभोक्ता
बिजली विभाग की मनमानी रवैये से शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। विभाग रोस्टरिंग के नाम पर रात में शिफ्टवार में कई घंटों बिजली गुल कर दे रही है, जिससे उमस भरी गर्मी परेशानी हो रही है।
राम नयन गौड़
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जैसे ही रात होता है, बिजली विभाग की कटौती चालू हो जाती है। दिन में सप्लाई ठीक रहती है। रात में रोस्टरिंग के नाम विभाग निगम कटौती शुरू कर दे रहा है। इससे घर महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को बहुत परेशानी हो रही है।
जैकी चौधरी