मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन के बाद हुआ संभाजन, हर बूथ पर रैंप की व्यवस्था
12 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलेगा विशेष पुनरीक्षण अभियान, युवाओं और महिलाओं के नाम जोड़ने पर जोर
सिद्धार्थनगर। जिले में मतदेय स्थलों का संभाजन 1200 मतदाताओं के आधार पर किया गया है। प्रत्येक मतदेय स्थल के भवन के साथ उससे संबद्ध मतदाताओं के निवास का भी भौतिक सत्यापन कराया गया है। दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक बूथ पर रैंप की व्यवस्था रहेगी।
शनिवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी दी गई। एडीएम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदेय स्थलों के संभाजन पर प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक चलेगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी 2027 को निर्धारित है।
एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्तूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। बैठक में युवा, पहली बार मतदान के पात्र नागरिकों और महिला मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पुरानी सूची से होगा मिलान
बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची की तुलना पूर्व में प्रकाशित सूची और उसकी पूरक सूचियों से करेंगे। पुरानी सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद वर्तमान सूची में शामिल नहीं मतदाताओं को चिह्नित कर उनकी स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर उनका नाम जुड़वाने के लिए फाॅर्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी। वहीं, मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या नाम हटवाने के लिए फाॅर्म-7 के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। इन आवेदनों का निस्तारण निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियमानुसार जांच और सत्यापन के बाद करेंगे। एडीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बीएलओ और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के बीच समन्वय स्थापित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी और राजनीतिक दल सक्रिय सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई जा सके।