सिद्धार्थनगर। मौसम के बदले मिजाज और घने कोहरे ने सड़क हादसों की आशंका बढ़ा दी है। इस बीच सड़क पर बिजली के पोल ने दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ा दी है। शहर से लेकर गांव तक सड़क के चौड़ीकरण के दौरान बिजली के पोल नहीं हटा गए, जो अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।
जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर हालात एक जैसे हैं, जहां वाहन चालक के लिए बिजली के पोल मुसीबत बन गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक साल में सड़क हादसे में नवंबर माह तक 180 से अधिक जान गंवा चुके हैं, जबकि 200 से अधिक घायल हो चुके हैं।
बीते वर्ष नगर क्षेत्र में सड़क किनारे लगे पोल से टकराकर हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो खतरनाक बिजली के पोल हटाए गए और न ही उन पर रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाए गए। कोहरे में सड़क और पोल के बीच फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे छोटे सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है। चौड़ीकरण के दौरान नहीं हटाए गए पोल : शहर के सनई चौराहा से पकड़ी-सनई मार्ग के चौड़ीकरण से गोरखपुर की राह आसान हो गई है। हालांकि सड़क चौड़ीकरण में कई बिजली के कई पोल आ गए। इससे कई लोग हादसे का शिकार हो गए। जबकि, जोगिया-पकड़ी मार्ग से पहले ईंट-भट्ठे के पास सड़क के दोनों तरफ कई पोल हैं। जहां एक साथ दो वाहन सामने आ जाएं तो हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इसके अलावा गोरखपुर-नौगढ़ हाइवे पकड़ी गांव के मोड़ के पास एक पोल चौड़ीकरण में आ गया है, जहां से तार तो हटा दिया गया। लेकिन पोल वैसे ही खड़ा है, घने कोहर में अगर यहां से गुजर रहे हैं तो सावधानी जरूर बरतें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो हादसे का शिकार हो सकते हैं। शहर में कई बिजली के पोल हैं। इसमें बर्डपुर मार्ग पर शहर में जीजीआईसीसी मोड़ सहित कई पोल सड़क में आ गए हैं। कमोबेश यह तस्वीर जिले के 50 से अधिक मार्गों पर हैं।
दो जगह, जहां संभलकर निकलें: नगर में दो मार्ग ऐसे हैं, जहां पर हमेशा हादसे का खतरा बना हुआ है। अशोक मार्ग और शहर को जोड़ने वाले हाईडिल तिराहे पर सड़क निर्माण में गोल चक्कर को तोड़ दिया गया है। यहां पर बैरिकेडिंग की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
एक साथ तीन तरफ से वाहन आने के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसके अलावा के शहर के बाहर बस्ती-ककरहवा मार्ग पर ब्रिज से उतरते ही तीन मार्ग हैं। पुलिस की ओर से बैरियर तो लगाया गया है, लेकिन चारों तरफ से वाहन आने के कारण यहां हमेशा हादसे का भय बना हुआ है। हर माह कई हादसे हो जाते हैं। कोहरे में यह बड़ा केंद्र है। ऐसे में अगर यहां से गुजर रहे हैं तो सतर्क हो जाएं और स्पीड को कम कर दें, ऐसे में हादसे से बच सकते हैं।