बढ़नी। क्षेत्र में शीतलहर और गलन लगातार बढ़ती जा रही है। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सुबह और देर शाम कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों से निकलने को मजबूर तो हैं लेकिन ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों में लोग अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से राहत पाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।
ठंड के कारण दिहाड़ी मजदूरों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय कोहरा छाए रहने से दृश्यता भी कम हो जा रही है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की संख्या नाकाफी है।
लोगों ने नगर पंचायत व प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की संख्या बढ़ाने, जरूरतमंदों को कंबल वितरण कराने और ठंड से बचाव के अन्य उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।