नेपाल में संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में आयोजित एक चर्चा के दौरान मंत्री बद्री
कपिलवस्तु। बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी की लंबे समय से चर्चित भव्य परिक्रमा योजना को आगे बढ़ाने के लिए संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से सर्वधर्म शांति समाज संस्था की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। पर्यटन के लिए विकसित होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।
इस संबंध में मंत्रालय में हुई चर्चा में लुंबिनी विकास ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. ल्हारकयाल लामा (खेंपो छिमे त्सिरिंग), सचिव सनुराजा शाक्य और सर्वधर्म शांति समाज के संस्थापक अध्यक्ष भिक्खु कृष्ण मान सहित एक टीम ने भाग लिया। चर्चा के दौरान परियोजना के महत्व और लुंबिनी के पर्यटन पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा हुई।
96 वर्षीय भिक्खु कृष्ण मान ने इस योजना के दीर्घकालिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस योजना का नाम बदलकर लुम्बिनी बृहत् परिक्रमा पथ कर दिया जाएगा। इस पथ की अवधारणा भिक्षु कृष्णमन की ओर से विक्रम संवत 2067 में तैयार की गई थी और उस समय लुंबिनी विकास निधि के जरिये इसे अनुमोदित और स्वीकृत किया गया था। सर्व धर्म शांति समाज की प्रतिनिधि नायिका करुणा पांडेय के अनुसार बृहत् परिक्रमा की डीपीआर तैयार करने की योजना पर संघीय सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय सरकार और अन्य संबंधित निकायों के साथ चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान मंत्री बद्री प्रसाद पांडेय ने मंत्रालय की नीतियों, प्रक्रियाओं और विधियों के अंतर्गत आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। वहीं लुंबिनी विकास निधि के उपाध्यक्ष डॉ. लहारक्याल लामा ने कहा कि निधि इस परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।