- बर्डपुर में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और बाल श्रम की रोकथाम पर हुई चर्चा
- ग्राम पंचायत स्तर पर बच्चों व उनके परिवारों की पहचान कर योजनाओं से जोड़ने पर जोर
बर्डपुर। विकासखंड बर्डपुर को बाल श्रम मुक्त ब्लॉक बनाने के उद्देश्य से पंचायत सचिवों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत और विकासखंड के सभी ग्राम पंचायत सचिवों ने प्रतिभाग किया।
मानव संसाधन और महिला विकास संस्थान के जिला सलाहकार जयप्रकाश गुप्ता और बर्डपुर ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रामशंकर ने बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और उन्हें विद्यालय से जोड़ने के संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत स्तर पर बाल श्रम में लगे या स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करने और उनके परिवारों से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि छह से 18 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। ऐसे बच्चों को चिह्नित कर दोबारा विद्यालय में नामांकित कराया जाए और उनकी नियमित शिक्षा सुनिश्चित की जाए। बाल श्रम से प्रभावित परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पात्रता के अनुसार उन्हें विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करने की बात कही गई।
बताया गया कि परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होने से बच्चों को मजदूरी के बजाय शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर इस दिशा में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण में 14 से 18 वर्ष के किशोरों के रोजगार से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस आयु वर्ग के किशोरों को जोखिमपूर्ण और प्रतिबंधित कार्यों में नियोजित नहीं किया जा सकता। उनकी शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।