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धान खरीद घोटाला : दिल्ली में चल रहा था ट्रक, ढुलाई हो गई जिले में

Fri, 15 Aug 2025 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जिले में 16 करोड़ रुपये से अधिक के धान खरीद घोटाले में आरोपियों की धरपकड़ के बाद रोज नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब गिरफ्तारी के बाद घोटाले की परत दर परत खुलने लगी है। ताजा माला वाहन लोडिंग से जुड़ा सामने आया है। इसमें जिस वाहन से धान की ढुलाई दिखाई गई है, उस वक्त वह वाहन दिल्ली और अन्य प्रांत में माल लेकर दिल्ली के टोल प्लाजा से गुजरे हैं। जांच टीम को इसके पुख्ता सुबूत हाथ लगे हैं। जांच में जुटी एसआईटी अब कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है, जिससे कई अन्य नाम भी इसमें सामने आ सकते हैं।
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जिले 16 करोड़ रुपये से अधिक के धान खरीद घोटाला की जांच एसआईटी कर रही है। जांच के दौरान विवेचना में सामने आने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ अन्य आरोपियों को दबोचने में जुटी है। एसआईटी की जांच में 37 क्रय केंद्र प्रभारी और चार हजार से अधिक किसान इस घोटाले में शामिल पाए गए हैं। जांच के बाद अबतक 15 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बुधवार को 25 हजार रुपये के इनामी क्रय केंद्र प्रभारी को खेसरहा पुलिस ने दबोचा है। सूत्राें की मानें तो सिर्फ धान की खरीद का ही नहीं बल्कि किराये में भी घोटाला किया गया है। पकड़े गए क्रय केंद्र प्रभारी की कुंडली और कागजात खंगालने पर पता चला कि धान के साथ आरोपियों ने वाहन के फर्जी कागजात तैयार कर ढुलाई के नाम पर भी मोटी कमाई की है। कई राज्यों के ट्रक का नंबर लिया गया और कागज तैयार करके सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया गया। यहां तक ढुलाई और तिथि सहित इन कागजों को जमा कर दिया गया। जांच में जिस वाहन को यहां पर दिखाया गया, वह उसी दिन दिल्ली या अन्य प्रांत में चलते हुए पाया गया है। इसमें टोल के सीसी कैमरे के फुटेज और टैक्स के कागजात भी मिले हैं। वहीं, वाहन मालिक भी इससे अनभिज्ञ हैं। सबकुछ कागजों में ही हुआ, जमीन पर कुछ नहीं आए। अब वाहन किराया घोटाला का दायरा बढ़ा हो सकता है।
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