सिद्धार्थनगर। जिले में रोडवेज बस सेवा के विस्तार से जहां कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों को राहत मिली है, वहीं अब भी कई ग्रामीण रूट ऐसे हैं जो सिर्फ सर्वे तक ही सीमित होकर रह गए हैं। डिपो में बसों की संख्या 43 से बढ़कर 60 तक पहुंचने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को अब भी नियमित रोडवेज सेवा का इंतजार है।
डिपो से इस साल बलरामपुर, झांसी, सोनौली सहित रूटों पर बसों का संचालन किया गया, लेकिन पहले से संचालित ठोठरी, बढ़नी चाफा, सहित अन्य कई रूटों पर परिवहन निगम ने बसों का संचालन अचानक बंद कर दिया। इसके बाद निगम ने इन रूटों पर संचालन के लिए सर्वे कराया, लेकिन अभी तक बसें नहीं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा कुछ अन्य रूटों पर बसों का संचालन हुआ तो वहां यात्री न मिलने का हवाला देकर इसे बंद कर दिया गया। यात्री सुरेंद्र, अनवर, अभिलाष ने बताया कि सुविधाएं बढ़ने के बावजूद उन्हें निजी बसों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया कि कई रूटों पर बसों का संचालन किया गया है। अन्य रूटों पर सर्वे में सवारी पर्याप्त नहीं मिलने से संचालन नहीं किया गया था। ा