तुलसियापुर। केंद्रीय रेलमंत्री के ट्रेन के ठहराव संबंधी पत्र जारी करने के लगभग एक माह बाद भी ट्रेन के न रुकने से क्षेत्रीय लोगों में रोष व्याप्त है। क्षेत्रीय लोगों ने हमसफर के शीघ्र बढ़नी में ठहराव की मांग की है।
लोगों के अनुसार ट्रेन का ठहराव होने से क्षेत्र को लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
गोरखपुर-गोंडा वाया बढ़नी रेलखंड पर दिल्ली के लिए जाने वाली 15705-15706 कटिहार-दिल्ली-कटिहार चंपारण हमसफर ट्रेन का ठहराव बढ़नी में न होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर रेल यात्रियों के लिए ट्रेन से दिल्ली तक सफर कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है।
क्षेत्रीय लोगों ने कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित गत वर्ष आठ दिसंबर को बढ़नी में वाॅशिंग पिट का लोकार्पण करने आए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से भी ट्रेन के ठहराव की मांग की थी।
क्षेत्रीय लोगों की लगातार मांग को देखते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने गत 29 अक्टूबर को केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर चंपारण हमसफर ट्रेन के बढ़नी में ठहराव की मांग की थी, जिसके बाद रेलमंत्री ने सांसद को गत पांच नवंबर को पत्र लिखकर 15705-15706 कटिहार-दिल्ली-कटिहार चंपारण हमसफर ट्रेन के बढ़नी में ठहराव होने की स्वीकृति मिलने की जानकारी दी।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक इसी प्रकार बढ़नी में आए रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस ट्रेन के अलावा सुशासन एक्सप्रेस व चौरी-चौरा एक्सप्रेस के भी सिद्धार्थनगर व बढ़नी से चलने की घोषणा की थी। एक वर्ष बीतने वाले हैं लेकिन अब तक रेल राज्यमंत्री की घोषणा पर अमल नहीं हुआ।
कहीं चंपारण हमसफर ट्रेन की भी यही गति न हो। क्षेत्र के राम अवतार, अक्षय कुमार, रामदेव गुप्ता, प्रदीप कुमार, देवेंद्र यादव, अनिल कुमार आदि ने चंपारण हमसफर ट्रेन के बढ़नी में ठहराव की शीघ्र मांग की है।
गामीणों का कहना है कि बढ़नी से दिल्ली एसी डिब्बों वाली हमसफर ट्रेन में सफर करना सबके बजट में नहीं है। जब रेलमंत्री ने चंपारण ट्रेन के ठहराव से संबंधित पत्र भेजा है। इसके बाद भी ट्रेन क्यों नहीं रुक रही है।
पूर्व प्रधान मयंक शुक्ल ने कहा कि रेल राज्यमंत्री की घोषणा की थी कि ट्रेन का ठहराव होगा। मगर यह घोषणा तक ही सीमित है। रेलवे को क्षेत्रीय लोगों की जेब को ध्यान में रखते हुए चंपारण हमसफर ट्रेन को बढ़नी में रोकना चाहिए। इसके अलावा अंत्योदय का भी ठहराव होना चाहिए।