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Siddharthnagar News: अब हर टीका की ऑनलाइन निगरानी, पोर्टल पर देना होगा हिसाब

Fri, 11 Sep 2026 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- पशु चिकित्सा विभाग की ओर से चलाए गए खुरपका-मुंहपका टीका ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा ब्यौरा
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- सटीक जानकारी के लिए शासन ने मॉनिटरिंग की व्यवस्था में किया बदलाव, पशुपालक का नाम गांव के साथ मोबाइल नंबर और पशु के नस्ल की ली जा रही है जानकारी
सिद्धार्थनगर। पशुपालन विभाग की ओर से चलाए जाने वाले टीकाकरण की मॉनिटरिंग अब सीधे शासन स्तर से होगी। टीकाकरण करने के साथ ही उसका डाटा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे पशुओं के टीकाकरण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसमें पशु की नस्ल के साथ ही पशुपालक की पूरी जानकारी और मोबाइल नंबर अपडेट किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर सीधे पशुपालक से जानकारी ली जाएगी। जनपद में टीकाकरण आखिरी चरण में है लेकिन ऑनलाइन फीडिंग की गति धीमी है।
मौसम में बदलाव के साथ पशुओं में कई प्रकार की बीमारी फैलती है, जिसकी चपेट में आने से पशुओं की जान भी चली जाती है। इससे पशु पालकों को नुकसान हो जाता है। पशुओं को बीमारी से बचाया जा सके। इसके लिए सरकार की ओर से खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण के लिए टीकाकरण करवाया जाता है। विशेष करके इस बीमारी का प्रसार बारिश के सीजन में शुरू होता है, इसलिए टीकारण की तैयारी पहले से की जाती है। पशु अस्पताल की डॉक्टरों की टीम गांव- गांव में कैंप का आयोजन करती है। इसके बाद एक-एक पशुओं को टीका लगाती है। शासन ने इस बार टीकाकरण की मॉनिटरिंग का तरीका बदल दिया है। अब हर टीका की निगरानी शासन स्तर से होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी लांच कर दिया गया है।
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टीकाकरण होने के साथ ही उसे पोर्टल पर अपडेट करना होगा। इसमें पशु नस्ल के साथ ही पूरी जानकारी देनी होगी। यहां तक पशुपालक का नंबर भी देना होगा। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद को दो लाख दो हजार दो सौ टीका का लक्ष्य मिला था। टीकाकरण चल रहा था, जो लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, फीडिंग की बात करें तो अभी तक करीब 31 हजार टीका पोर्टल पर अपडेट किया जा सका। पशु चिकित्सा विभाग से जुड़े जानकारों के मुताबिक टीकाकरण में होने वाली गड़बड़ी और घर बैठे रिपोर्ट देने के मामले को देखते हुए कड़ी मॉनिटरिंग की योजना बनाकर निगरानी शुरू की है। पूर्व में प्रदेश के कई स्थानों पर टीकाकरण की रिपोर्टिंग में गड़बड़ी की बात सामने आ चुकी है। इस व्यवस्था के शुरू होने से टीका लगाने के लिए पशुपालक के घर तक जाना ही पड़ेगा। ऐसे में होने वाली मनमानी रुकेगी।
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इस प्रकार से पोर्टल पर दी जा रही है जानकारी
टीकाकरण की सटीक निगरानी के लिए जो व्यवस्था लागू की है। उसमें विभाग को गाय, भैंस पशु के प्रकार, उसके टैग नंबर, पशु पालक का नाम, गांव, ब्लॉक, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड आदि को अपडेट करना होगा। एक-एक पशु के टीके की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उन्हें सही जानकारी मिल जाएगी। सही पशु का टीका हुआ है या फिर कागजी कोरम पूरा किया गया है। कुल मिलाकर इससे टीकाकरण में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
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बोले जिम्मेदार
खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण के लिए जनपद में अभियान चलाया जा रहा है, जो लगभग पूरा हो चुका है। टीका मिला था, उसे लगाया जा चुका है। टीकाकरण करने के साथ ही पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट की जा रही है। अभी फीडिंग लगभग 31 हजार हुआ है। जनपद में दो लाख टीकाकरण का लक्ष्य था।
- गणेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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