चिल्हिया। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से भटकती प्रेत आत्मा मोक्ष को प्राप्त हो जाता है। यह बातें रविवार शाम को राधा कृष्ण मंदिर के परिसर आईटीआई कॉलेज विवेकानंद नगर भीमापार नौगढ़ में चल रहे सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार शाम को कथा का प्रसंग सुनाते आचार्य संतोष शुक्ल जी ने कही।
उन्होंने कहा कि सतयुग में राजा परीक्षित ने विद्वान आचार्य व कथा वाचक सुखदेव महाराज से सुना था और सात दिन तक बिना अन्न जल ग्रहण किए एक ही आसन पर बैठकर कथा का अनुश्रवण किया था। कहा कि हर कार्य को छोड़कर शांत मन से कथा जरूर सुनना चाहिए। चौरासी योनियों में भटकने वाली आत्मा भी अगर श्रीमद् भागवत कथा सुन लें तो उसे भी मोक्ष प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के अंश संकट मोचन हनुमान हर धर्म कार्य में उपस्थित रहते हैं।
श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान का चालीसा पढ़ने से हर कष्टों से मुक्ति मिलती है और दुष्ट प्रेतात्मा व भूत-पिशाच दूर रहते हैं।