मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीज का स्कीन देखते डॉ.अरफुल खान।
सिद्धार्थनगर। ठंड में एग्जिमा, सोरायसिस व शरीर में नमी कम होने के कारण स्किन रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ गई है, इसमें प्रतिदिन 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें 30 से 35 मरीज एग्जिमा, सोरायसिस के ज्यादा मरीज उपचार करने पहुंच रहे हैं।
स्किन रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरफुल खान ने बताया कि एक्जिमा व सोरायसिस लाइलाज बीमारियां हैं। इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसमें मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बढ़ती ठंड और शुष्क हवा के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। तापमान गिरने से हाथ-पैर में रूखापन, चेहरे पर सफेद परत, फटी त्वचा, खुजली और शरीर पर लाल दारे होने के भी मरीज बढ़े है। सर्दी के मौसम में कुछ लोग गर्म कपड़े अधिक पहन लेते हैं, जिससे उन्हें खुजली की शिकायत हो जाती है। इसके साथ ही सर्दी की वजह से लोगों के होंठ फटने लगते हैं। बताया कि इन दिनों त्वचा में नमी की कमी के कारण रूखेपन की समस्या हो रही है। इसके अलावा पैरों में खुजली और त्वचा फटने की समस्या भी काफी बढ़ गई है।
सर्दियों में अधिक देखभाल की जरूरत: डॉ. अरफुल खान ने बताया कि सर्दियों में त्वचा की देखभाल अधिक जरूरी है। दैनिक आहार में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए। त्वचा पर रसायनयुक्त साबुन और क्रीम का उपयोग करने से बचें और किसी भी उत्पाद के इस्तेमाल से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। धूप में निकलने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाली चिकनाई युक्त वैसलीन या जैतून, सरसों, नारियल का तेल लगाना फायदेमंद होता है। स्नान के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें।