मेडिकल कॉलेज के परिसर में स्थित आंखों की ओटी के बाहर मौजूद मरीज। संवाद
- फोटो : जांच करते हुए नगर निगम की टीम। स्रोत: संगठन।
सिद्धार्थनगर। सर्दी के दस्तक देते ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नेत्र सर्जरी रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने 100 से अधिक ऑपरेशन हुए थे जबकि दिसंबर माह में यह आंकड़ा करीब 200 के पार पहुंचने का अनुमान है।
चिकित्सकों का कहना है कि सर्दियों में ऑपरेशन कराने से पसीने के संक्रमण, धूल और धूप का खतरा न के बराबर रहता है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आंखों को पसीने, धूल, धूप या तेज रोशनी से बचाना होता है ताकि आंख सुरक्षित रहे और सामान्य होने तक कोई दिक्कत न रहे। गर्मियों के दिनों में यह तीनों समस्याएं बनी रहती है। इसलिए सर्दियों में लोग ऑपरेशन कराना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन बचाव करने वाले मरीजों को गर्मी में भी ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है।
ठंड में सर्जरी कराने वालों की संख्या अक्सर बढ़ जाती है। नवंबर में 100 से अधिक ऑपरेशन हुए थे जबकि अब मार्च तक हर महीने मोतियाबिंद के ऑपरेशन बढ़ेंगे। वहीं, गर्मी के मौसम में यह आंकड़ा पर महीने 25 से 30 हो जाती है।