-इंटरनेट पर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगा दे रहे धमकी,
-कई महिलाएं जनपद में हो चुकी हैं शिकार, साइबर ठग लगातार कर रहे वार
सिद्धार्थनगर। साइबर ठगों के निशाने पर अब महिलाएं हैं। केस दर्ज करने की धमकी देकर ये उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप महिला हैं और आपके पास भी कोई फोन कर इंटरनेट पर अश्लील वीडियो देखने और मुकदमा दर्ज होने और पुलिस घर पहुंचने की बात कर रहा है तो सावधान हों जाएं और गंभीरता पूर्व जवाब देते हुए फोन को काट दें। साथ ही परिवार के किसी सदस्य और पुलिस को भी इसकी जानकारी दें।
साइबर ठगों ने ठगी का नया पैंतरा अपनाया है। इसमें जनपद की कई महिलाएं ठगों का शिकार बन चुकी हैं। आरोप भी गंभीर लगाते हैं और बातचीत यहां तक की थाने की फोटो और लेडी इंस्पेक्टर और स्टाफ की फोटो और वीडियो भी भेज दे रहे हैं। ऐसे में डरकर महिलाएं बैंक खाते से रुपये उन्हें भेज रही हैं। हाल में ऐसे चार मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा ऐसे ढेरों मामले हैं जो अब तक पुलिस की दहलीज तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में इस तरह की काॅल से सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि कभी पुलिस काॅल नहीं करती है और न ही रुपये मांगती है। अगर कोई ऐसी काॅल आती है तो तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करवाएं या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर काॅल करके केस दर्ज करवाएं।
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पहले परिवार अब महिलाओं को बना रहे शिकार
आज हर हाथ में स्मार्ट फोन हैं और लोग बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ गए हैं। ऑनलाइन भुगतान पर निर्भरता बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से साइबर ठगी के मामले बढ़ गए हैं। पहले ठग बाहर पढ़ाई करने वाले बच्चों, नौकरी करने वाले युवाओं के परिवार को काॅल करके जानकारी देते थे कि आपका लड़का रेप या छेड़खानी में फंसा है। उसे गिरफ्तार किया जा रहा है। अगर केस से बचना है तो रुपये दो। इसमें लोग डर की वजह से शिकार हुए। अब ठगों ने नया फंडा अपना लिया है। इसमें महिलाओं को शिकार बन रहे हैं। कॉल कर रहे हैं कि आप प्रतिबंधित साइट को खोल करके पोर्न देखती हैं जो कानून जुर्म है। इस मामले में केस दर्ज हुआ है। पुलिस कभी भी पहुंच सकती है। ऐसे में सामने वाला घबरा जा रहा हैं। इसके बाद बात सेटलमेंट पर आती है और ठग फिर डिमांड शुरु करते हैं। लाखों तक बोली लगती है। आखिरी में जितने पर सेटल हो जाए। जिले में एक लाख से 30 हजार रुपये तक महिलाएं साइबर ठगों को भेज चुकी हैं। इसके बाद परिवार या करीबी को इसके बारे में जानकारी दी। लेकिन, बदनामी के कारण आगे नहीं बढ़े।
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केस - 1
जिले के सदर थाना क्षेत्र की महिला के पास फोन आया। कॉलर ने यह बताया कि आप अश्लील वीडियो देखती हैं। आपके विरुद्ध कंप्लेन दर्ज है। आप फोन को कटती हैं तो आपके घर पुलिस जाएगी और आपकी बदनामी होगी। महिला डर कर कॉल पर बनी रहती है। इसके बाद उससे मामले को सेटल करा देने की बात कही। धमकी दी कि पैसे भेज दो नहीं तो पुलिस गिरफ्तार करने घर पहुंच जाएगी। महिला बदनामी और डर बस पैसे भेज देती है और ठगी की शिकार हो जाती है। इसमें महिला ने 25 हजार रुपये गवां दिए। बात एक लाख रुपये से शुरु हुआ था।
केस - 2
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में घरेलू महिला के पास ऐसी ही काॅल आई। उसने 53 हजार रुपये दे दिए, लेकिन धमकी बंद नहीं हुई तो परिवार को जानकारी दी। उसने किसी पुलिस मित्र से साझा किया तो उसने साइबर में बात की। पता चला कि साइबर ठगी की शिकार हुई है। डरने की जरूरत नहीं है, तब जाकर राहत की सांस ली।
केस - 3
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक छात्रा को 30 हजार का चूना लगा दिया। कई दिनों तक परेशान रही। जब अधिक समस्या हो गई तो किसी जानने वाले को बताया और कहा कि संबंधित साइट पर कभी-कभी वीडियो देख लेते थे, इसलिए डर की वजह से उधार लेकर रुपये खाते में भेज दिए। वहीं, सदर थाना क्षेत्र के एक मामले में महिला ने ठगों को रुपये भेजने के बजाए घर वालों को बताया, जिससे बच गई। जो ऑनलाइल मामले दर्ज हुए टीम उसकी जांच कर रही है।
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पुलिस नहीं करती किसी को कॉल
पुलिस कभी किसी के पास कोई काॅल नहीं करती है। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से सर्च करने के मामले में तो कतई कोई कॉल नहीं जाती है। अगर कभी किसी मामले में किसी को कॉल की जाती है तो उसे थाने पर बुलाया जाता है। जो मामले आए हैं, उनमें कॉलर ने पहले डराया-धमकाया है। इसके बाद मामले को सेटल करवाने की पेशकश की है। अगर ऐसी कोई कॉल आती है तो समझ लीजिए फेक है। बिना डरे जवाब दें और जहां तक हो सके कोई जानकारी साझा न करें। तत्काल परिवार के किसी सदस्य को जानकारी दें क्योंकि यह साइबर ठगों का नया पैंतरा है।
- अरविंद कुमार मौर्य, प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना
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कैसे होती है यह ठगी
कॉलर कहता है कि आपके खिलाफ अश्लील, अनैतिक सामग्री के आधार पर शिकायत है।
फिर धमकी दी जाती है कि यदि पैसे नहीं दिए तो पुलिस/परिवार/समाज में बदनामी होगी।
पीड़ित डर के कारण कॉल पर बने रहते हैं और आखिर में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
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बोले एक्सपर्ट
आज तमाम प्रकार से ठगी हो रही है। ऐसे में जागरुक होने की जरुरत है। कब ठग का कौन शिकार हो जाएगा, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। कॉल पर डरे नहीं और न ही अनजान वीडियो कॉल को ना उठाएं। अगर कोई पैसा मांगता है तो पैसे ना भेजें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www. cybercrime.gov.in अथवा स्थानीय साइबर सेल से संपर्क करें। परिवार और पड़ोसियों को सूचित करें ताकि और लोग सतर्क रहें और इसी तरह की ठगी का शिकार न बनें। किसी भी भावनात्मक दबाव में पैसे न भेजें और पुलिस से पहले किसी भी व्यक्ति या नंबर को पैसे देने से इन्कार करें। प्राइवेसी सेटिंग बदलें और पासवर्ड बदल लें। सोशल मीडिया और ईमेल पासवर्ड बदलें, दो-चरणीय प्रमाणीकरण चालू करें।
- दिलीप कुमार द्विवेदी, साइबर एक्सपर्ट, साइबर थाना सिद्धार्थनगर