सिद्धार्थनगर। जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेतहाशा बढ़ रहे अतिक्रमण, सड़क पर खड़े वाहनों और अस्थायी दुकानों के कारण लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिला मुख्यालय के अशोक मार्ग पर अवैध रूप से काबिज होने वाले 50 से अधिक दुकानदारों को नोटिस जारी करते हुए हटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ जिले के बांसी, बर्डपुर-ककरहवा मार्ग पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
मुख्यालय के अशोक मार्ग से अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसके बाद बांसी, ककरहवा मार्ग, शोहरतगढ़-सनई मार्ग सहित जिले के सभी हाईवे पर पड़ने वाले चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई होगी। पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और तय समय सीमा के बाद बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
जिले के प्रमुख एनएच मार्गों पर स्थिति यह है कि हाईवे से सटी दुकानें खुलते ही दुकानदार सड़क किनारे ही वाहन खड़े करा रहे हैं। कहीं ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी स्टैंड बन गए हैं तो कहीं ठेले और अस्थायी दुकानों ने सड़क की आधी चौड़ाई घेर ली है। नाले और सड़क से सटाकर अस्थाई दुकान बनाने के बाद खरीद के लिए आने वाले लोग सड़क पर वाहन खड़ा देते हैं। उसका नतीजा है कि एक तो जाम की स्थिति बनती है और दूसरा बड़े हादसे का डर बना रहता है।
नगर के अशोक मार्ग के हाईवे में शामिल होने और निर्माण के बाद नाली के पार या फिर पाथ-वे पर लोगों ने दुकान लगा रखी है। ऐसा पड़ताल में सामने आ चुका है। बांसी-बस्ती मार्ग पर करौंदा मसिना, जोगिया सहित अन्य बस्ती बार्डर तक चौराहों पर दुकानों की कतारें लगने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ककरहवा मार्ग पर सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाले भारी वाहनों के साथ स्थानीय बाजार का दबाव भी रहता है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
वहीं, शोहरतगढ़-सनई मार्ग की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। शोहरतगढ़ से लेकर बढ़नी तक में कई चौराहों पर ऐसा ही कब्जा देखा जा सकता है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर चौराहों के आसपास सड़क किनारे अतिक्रमण कर अस्थायी बाजार लगा दिए गए हैं। सब्जी, फल, चाय-नाश्ते की दुकानें सीधे सड़क पर फैल जाती हैं और ग्राहक अपने वाहन बीच सड़क पर ही खड़ी कर दी जाती है। इससे न सिर्फ यातायात बाधित होता है बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल यात्रियों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक बन गया है। विभागीय लोगों के अनुसार जिले के अधिकांश हाईवे पर पड़ने वाले चौराहों पर यही हाल है। कहीं धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण है तो कहीं बस स्टॉप और बाजार के नाम पर सड़क पर कब्जा कर लिया गया है।
हाल ही में अशोक मार्ग पर जिस तरह से दोनों तरफ करीब 50 अस्थायी दुकानदारों ने डेरा डालकर सड़क घेर ली थी, उसी तरह की स्थिति अब अन्य मार्गों पर भी सामने आ रही है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। एनएचआई की टीम ने फील्ड सर्वे कर चार प्रमुख स्पॉट को चिह्नित किया है, जहां दुकान खोलने के बाद सड़क पर वाहन खड़े हो रहे हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इन स्थलों की तस्वीरें और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर संबंधित दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस की अवधि खत्म होते ही बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। एनएचआई का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात है, लेकिन अतिक्रमण के कारण न सिर्फ जाम लगता है बल्कि एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता। यह अभियान स्थायी समाधान के उद्देश्य से चलाया जाएगा। माना जा रहा है।